1985 – ‘कांग्रेस का आख़िरी स्वर्णकाल’: स्थिरता की वापसी या बदलाव से पहले की शांति?
1985 का बिहार विधानसभा चुनाव राजनीतिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक मोड़ था। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देशभर में फैली संवेदनशीलता और सहानुभूति की लहर ने कांग्रेस को एक…
1985 का बिहार विधानसभा चुनाव राजनीतिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक मोड़ था। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देशभर में फैली संवेदनशीलता और सहानुभूति की लहर ने कांग्रेस को एक…
1977 की जनता लहर के बाद 1980 का बिहार चुनाव एक बार फिर राजनीतिक उथल-पुथल और जनभावनाओं के संघर्ष का गवाह बना। जनता पार्टी की अंदरूनी कलह और अस्थिर शासन…
भय से स्वतंत्रता की ओर — बिहार में लोकतंत्र का पुनर्जागरण 1977 का बिहार विधानसभा चुनाव सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं था — यह लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का उत्सव था।…
राजनीतिक अराजकता के बाद उम्मीद की किरण 1969 की अस्थिर राजनीति और राष्ट्रपति शासन के बाद बिहार 1972 में एक बार फिर जनादेश देने निकला। जनता अब स्थिर सरकार चाहती…
अव्यवस्था का वर्ष: जब बिहार सत्ता के मोर्चे पर अस्थिर हो गया 1969 का बिहार विधानसभा चुनाव राज्य की राजनीतिक अस्थिरता का प्रतीक बन गया। कुल 318 सीटों पर हुए…
परिवर्तन की आंधी: जनता ने किया इतिहास 1967 का वर्ष बिहार की राजनीति में निर्णायक मोड़ लेकर आया। कुल 318 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में दशकों से सत्ता में…
जब बिहार में विचारधाराओं का संग्राम शुरू हुआ 1962 का बिहार विधानसभा चुनाव एक साधारण राजनीतिक घटना नहीं था, बल्कि यह एक वैचारिक जागरण का दौर था। कुल 264 सीटों…
बिहार में एनडीए विरोधी खेमे में राजनीतिक पारा तब चढ़ गया जब एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने राजद नेता तेजस्वी यादव की उस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने…
‘30 हेलिकॉप्टर मेरे पीछे’: तेजस्वी ने बीजेपी पर साधा निशाना बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार अभियान के आखिरी दिन महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव समस्तीपुर पहुंचे।…
दरभंगा की धरती पर गूंजा ‘गोला बनाम गोली’ का नारा दरभंगा में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भाषण जोश, आक्रोश और राष्ट्रवाद से भरा…