बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि यह कदम "नए बिहार की नई पहचान" को दर्शाता है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में पत्रकारों और प्रतिनिधियों को दी जाने वाली वेलकम किट में राज्य के मशहूर सत्तू और मखाने को शामिल किए जाने की तारीफ़ की। उन्होंने इसे गर्व का पल बताया, जो वैश्विक मंच पर बिहार के "स्वाद, परंपरा और उद्यमिता" को दर्शाता है।

इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि यह कदम "नए बिहार की नई पहचान" को दर्शाता है, क्योंकि अब राज्य के स्वाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों तक पहुँच रहे हैं।

चौधरी ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "नए बिहार की नई पहचान — बिहार के स्वाद अब दुनिया के सामने हैं।" उन्होंने "लोकल से ग्लोबल" (स्थानीय से वैश्विक) के संकल्प को हकीकत में बदलने का श्रेय मोदी को दिया।बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि यह कदम "नए बिहार की नई पहचान" को दर्शाता है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में पत्रकारों और प्रतिनिधियों को दी जाने वाली वेलकम किट में राज्य के मशहूर सत्तू और मखाने को शामिल किए जाने की तारीफ़ की। उन्होंने इसे गर्व का पल बताया, जो वैश्विक मंच पर बिहार के "स्वाद, परंपरा और उद्यमिता" को दर्शाता है।

इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि यह कदम "नए बिहार की नई पहचान" को दर्शाता है, क्योंकि अब राज्य के स्वाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों तक पहुँच रहे हैं।

चौधरी ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "नए बिहार की नई पहचान — बिहार के स्वाद अब दुनिया के सामने हैं।" उन्होंने "लोकल से ग्लोबल" (स्थानीय से वैश्विक) के संकल्प को हकीकत में बदलने का श्रेय मोदी को दिया।

बिहार के मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया तब आई जब मीडियाकर्मियों और प्रतिनिधियों के लिए तैयार की गई समिट किट में सत्तू (सूखे भुने हुए चने या साबुत काले चने से बना) और मखाना (फॉक्स नट्स) जैसी चीज़ें शामिल की गईं।

सत्तू का पैकेट मधुबनी से मंगाया गया है और इस पर 'Sattuz' (सत्तूज़) ब्रांड का नाम है, जिसे 'गोरूरल फूड एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड' ने बनाया है। जलजीरा-फ्लेवर वाले इस प्रोडक्ट को लैक्टोज-फ्री, ग्लूटेन-फ्री और वेजिटेबल प्रोटीन से भरपूर बताया गया है।

पूर्णिया से लाए गए ये मखाने 'फार्मली' (Farmley) ब्रांड के हैं और इन्हें 'अचारी चटका मखाना' कहा जाता है, जिन्हें ऑलिव ऑयल में भुना गया है।

इन दो उत्पादों के शामिल होने से बिहार में कृषि-खाद्य क्षेत्र में बढ़ रहे उद्यमिता और बड़े राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के ज़रिए स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को व्यापक बाज़ार दिलाने की कोशिशों की ओर भी ध्यान गया है।

'सत्तूज़' (Sattuz) के फाउंडर 43 साल के सचिन कुमार ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है कि उनके प्रोडक्ट को ब्रिक्स (BRICS) वेलकम किट में जगह मिली है। उनकी कंपनी, जो 2019 में एक स्टार्टअप के तौर पर शुरू हुई थी, उसकी फैक्ट्री पटना के बाहरी इलाके फतुहा में है।

कुमार ने कहा, "विदेश मंत्रालय (MEA) और उद्योग विभाग के तहत आने वाली बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (BIADA) के अधिकारियों ने तीन दिन पहले मुझसे संपर्क किया था और 200 ग्राम सत्तू के 1,500 पैकेट सप्लाई करने को कहा था। हमने 48 घंटे के अंदर अपने प्रोडक्ट की समय पर डिलीवरी पक्की करने के लिए ओवरटाइम काम किया।"

वे अब पटना के SK पुरी इलाके में 'सत्तूज़ कैफ़े' शुरू करने की योजना बना रहे हैं।

BRICS मीडिया किट में क्या-क्या है?
इस मीडिया किट में ओडिशा की कोरापुट पहाड़ियों में उगाई गई 100% अरेबिका कॉफ़ी और गुजरात का ब्लॉक-प्रिंटेड स्टोल भी शामिल है। हैम्पर में एक बोतल, कॉफ़ी मग और स्टेशनरी का सामान (जैसे डायरी और पेन) भी है।

यह किट पत्रकारों और प्रतिनिधियों को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले दी जा रही है। भारत अपनी 2026 की BRICS अध्यक्षता के तहत 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इस सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है।

"मज़बूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण" (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) थीम वाले इस शिखर सम्मेलन में BRICS के सदस्य और सहयोगी देशों के नेताओं के जुटने की उम्मीद है। वे व्यापार, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

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