राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार को कहा कि बिहार सरकार ने बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) के तहत होने वाली 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों की मार्कशीट से “फेल” शब्द हटाने का फैसला किया है।
मंत्री के अनुसार, जो छात्र परीक्षा पास नहीं कर पाएंगे, उनकी मार्कशीट पर “स्किल ट्रेनिंग के लिए योग्य” (Eligible for Skill Training) लिखा होगा। इससे वे बिहार बोर्ड ऑफ़ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन (BBOSE) के तहत वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम चुन सकेंगे।
तिवारी ने कहा, “शिक्षा विभाग जल्द ही इस बारे में ज़रूरी निर्देश जारी करेगा। कोई छात्र कई वजहों से फेल हो सकता है और इसका मतलब यह नहीं है कि उसमें काबिलियत नहीं है; हो सकता है कि आगे चलकर उसकी काबिलियत निखरकर सामने आए। इसलिए, मार्कशीट में ‘फेल’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।”
सप्लीमेंट्री परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए महीने भर की क्लास की योजना
मंत्री ने बताया कि इस पहल को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंज़ूरी दे दी है। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि मैट्रिक सप्लीमेंट्री परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए महीने भर की स्पेशल क्लास आयोजित की जाएंगी, ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
BBOSE को 2011 में बिहार शिक्षा विभाग के एक स्वायत्त संगठन के तौर पर बनाया गया था, ताकि सभी छात्रों को बेहतर करने का मौका मिल सके। मुख्यमंत्री 5 सितंबर को मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस पर ‘टीचर सपोर्ट पोर्टल’ भी लॉन्च करेंगे। राज्य सरकार ने कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए “विद्या साथी” ऐप भी लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म छात्रों को चौबीसों घंटे शिक्षकों से जोड़ेगा, जिसमें लगभग 75,000 शिक्षक व्यक्तिगत रूप से शैक्षणिक सहायता प्रदान करेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों का मनचाहा ट्रांसफर भी सितंबर में पूरा हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि TRE-4 में खाली पदों की संख्या और बढ़ सकती है।
