नीतीश रेड्डी अचानक टीम से जुड़े, गिल की चोट ने बढ़ाई टेंशन
साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को अचानक टेस्ट टीम में वापस बुला लिया गया है। वे मंगलवार को कोलकाता पहुंच चुके हैं, हालांकि उन्होंने प्रैक्टिस में भाग नहीं लिया। उधर कप्तान शुभमन गिल की गर्दन की चोट अब भी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है, जिससे उनके खेलने पर संशय और गहरा गया है। गिल टीम के साथ गुवाहाटी जरूर जाएंगे, लेकिन दर्द बढ़ने पर उन्हें बेंगलुरु के BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भेजा जा सकता है। टीम मैनेजमेंट उनकी हालत पर कड़ी नजर रखे हुए है।
रेड्डी को पहले टेस्ट से ठीक पहले रिलीज किया गया था ताकि वे भारत-ए बनाम साउथ अफ्रीका-ए सीरीज खेल सकें। BCCI ने कहा भी था कि वे दूसरे टेस्ट से स्क्वॉड से जुड़ेंगे, लेकिन अब उन्हें तय समय से पहले बुलाने का फैसला हुआ। सूत्रों के अनुसार, टीम को एक भरोसेमंद बल्लेबाजी और गेंदबाजी कवर की ज़रूरत थी और रेड्डी दोनों में फिट बैठते हैं। भारत-ए के लिए राजकोट में उनके प्रदर्शन ने भी टीम मैनेजमेंट का भरोसा मजबूत किया। अब वे 19 नवंबर का तीसरा भारत-ए मैच भी नहीं खेल पाएंगे।
गिल नहीं खेले तो कौन संभालेगा जिम्मेदारी, टीम मैनेजमेंट की मुश्किलें
गिल की फिटनेस को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। चोट के कारण वे नेट सेशन में नहीं दिखे। ऐसे में टीम को टॉप-ऑर्डर में बल्लेबाजी कवर चाहिए। देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन विकल्प हैं, लेकिन दोनों लेफ्ट-हैंडर्स हैं। टीम में पहले से जडेजा, अक्षर जैसे कई बाएं हाथ के खिलाड़ी होने से मैच-अप की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। यही कारण है कि टीम मैनेजमेंट रेड्डी को एक और मजबूत विकल्प मान रहा है। वे निचले क्रम में राइट-हैंड बैटर के तौर पर बैलेंस लाते हैं और अपनी ऑलराउंड स्किल्स से टीम को अतिरिक्त लचीलापन देते हैं।
दूसरे टेस्ट से पहले कोलकाता में ऑप्शनल नेट सेशन रखा गया, जिसमें सिर्फ छह खिलाड़ी ही पहुंचे। सीनियर ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने लंबा बल्लेबाजी अभ्यास किया। वहीं, साई सुदर्शन और ध्रुव जुरेल ने एक दिलचस्प ड्रिल की, उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ सिर्फ एक पैड पहनकर अभ्यास किया। इसका उद्देश्य था, फ्रंट फुट स्ट्राइड को लंबा करना और पिच का इस्तेमाल बेहतर ढंग से सीखना। हेड कोच गौतम गंभीर पूरे समय साई सुदर्शन पर नजर रखे रहे। नेट में वे कई बार आउटसाइड एज हुए, जिसके बाद गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने उनसे तकनीकी बातों पर लंबी चर्चा की।
पहला टेस्ट सिर्फ ढाई दिन में खत्म—अब गुवाहाटी में ‘करो या मरो’ मुकाबला
पहला टेस्ट ईडन गार्डन्स में सिर्फ ढाई दिन में खत्म हो गया था, जिसमें भारत को 30 रन से हार का सामना करना पड़ा। अब नजरें गुवाहाटी पर हैं, जहां 22 नवंबर से दूसरा टेस्ट खेला जाएगा। यह गुवाहाटी का पहला टेस्ट मैच भी होगा, इसलिए माहौल ऐतिहासिक और चुनौतियों से भरा रहने वाला है। टीम इंडिया इस मैच में जीतकर सीरीज को 1-1 से बराबर करने के इरादे से उतरेगी। हार के बाद टीम में बदलाव, रणनीति में सुधार और खिलाड़ियों की फिटनेस भारतीय टीम की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
इसी बीच महिला क्रिकेट से बड़ी खबर आई है। विमेंस प्रीमियर लीग का चौथा सीजन 7 जनवरी से शुरू होगा। अंदाजा है कि लीग मैच मुंबई के DY पाटिल स्टेडियम में होंगे, जबकि फाइनल बड़ौदा में खेला जा सकता है। 27 नवंबर को मेगा ऑक्शन होगा, जिसमें बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। भारतीय महिला क्रिकेट में बढ़ती लोकप्रियता के बीच इस लीग से नए स्टार उभरने की उम्मीद है।
