वो जिन्होंने विज्ञापन नहीं, भारत की आत्मा लिखी — शब्दों के साधक पीयूष पांडे को अंतिम प्रणाम
कभी कोई इतना गहरा लिख गया कि उसके शब्द केवल सुने नहीं, जीए गए । कभी किसी ने इतना सादा कहा कि उसकी आवाज़ हर घर की गूंज बन गई।…
कभी कोई इतना गहरा लिख गया कि उसके शब्द केवल सुने नहीं, जीए गए । कभी किसी ने इतना सादा कहा कि उसकी आवाज़ हर घर की गूंज बन गई।…
टेलीविज़न का सबसे पुराना चैनल दूरदर्शन अब हमें देखने को नहीं मिलेगा। देश भर से अब दूरदर्शन का अस्तित्व मिट जाएगा और इसे 31 दिसंबर 2021 तक पूरी तरह बंद…