1972 – कांग्रेस की वापसी: अस्थिरता के बाद स्थिरता की सांस और उम्मीदों का नया सवेरा
राजनीतिक अराजकता के बाद उम्मीद की किरण 1969 की अस्थिर राजनीति और राष्ट्रपति शासन के बाद बिहार 1972 में एक बार फिर जनादेश देने निकला। जनता अब स्थिर सरकार चाहती…
राजनीतिक अराजकता के बाद उम्मीद की किरण 1969 की अस्थिर राजनीति और राष्ट्रपति शासन के बाद बिहार 1972 में एक बार फिर जनादेश देने निकला। जनता अब स्थिर सरकार चाहती…
अव्यवस्था का वर्ष: जब बिहार सत्ता के मोर्चे पर अस्थिर हो गया 1969 का बिहार विधानसभा चुनाव राज्य की राजनीतिक अस्थिरता का प्रतीक बन गया। कुल 318 सीटों पर हुए…
परिवर्तन की आंधी: जनता ने किया इतिहास 1967 का वर्ष बिहार की राजनीति में निर्णायक मोड़ लेकर आया। कुल 318 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में दशकों से सत्ता में…
जब बिहार में विचारधाराओं का संग्राम शुरू हुआ 1962 का बिहार विधानसभा चुनाव एक साधारण राजनीतिक घटना नहीं था, बल्कि यह एक वैचारिक जागरण का दौर था। कुल 264 सीटों…
लोकतंत्र का दूसरा अध्याय 1957 में बिहार ने अपने लोकतांत्रिक सफर का दूसरा चरण तय किया। कुल 318 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ और जनता ने कांग्रेस को पुनः भारी…
लोकतंत्र की पहली सुबह 1952 में स्वतंत्र भारत में बिहार ने अपने पहले विधानसभा चुनाव के माध्यम से लोकतंत्र की नींव रखी। कुल 276 विधानसभा सीटों पर जनता ने मतदान…
बिहार में मतदान के पहले दिन ही महिला मतदाताओं को साधने की होड़ तेज हो गई है, जिसका केंद्र नकद हस्तांतरण योजनाएँ हैं। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा हाल…
‘30 हेलिकॉप्टर मेरे पीछे’: तेजस्वी ने बीजेपी पर साधा निशाना बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार अभियान के आखिरी दिन महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव समस्तीपुर पहुंचे।…
दरभंगा की धरती पर गूंजा ‘गोला बनाम गोली’ का नारा दरभंगा में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भाषण जोश, आक्रोश और राष्ट्रवाद से भरा…
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर “आपत्तिजनक भाषा” का इस्तेमाल करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की आलोचना…