1990 – लालू युग का आरंभ: जब ‘पिछड़ों की राजनीति’ बनी बिहार की पहचान
1990 का बिहार विधानसभा चुनाव एक चुनाव नहीं, बल्कि सत्ता के सामाजिक ढांचे में क्रांति थी। पहली बार बिहार की राजनीति का केंद्र बदल गया — पटना के सत्ता गलियारों…
1990 का बिहार विधानसभा चुनाव एक चुनाव नहीं, बल्कि सत्ता के सामाजिक ढांचे में क्रांति थी। पहली बार बिहार की राजनीति का केंद्र बदल गया — पटना के सत्ता गलियारों…
1985 का बिहार विधानसभा चुनाव राजनीतिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक मोड़ था। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देशभर में फैली संवेदनशीलता और सहानुभूति की लहर ने कांग्रेस को एक…
1977 की जनता लहर के बाद 1980 का बिहार चुनाव एक बार फिर राजनीतिक उथल-पुथल और जनभावनाओं के संघर्ष का गवाह बना। जनता पार्टी की अंदरूनी कलह और अस्थिर शासन…
भय से स्वतंत्रता की ओर — बिहार में लोकतंत्र का पुनर्जागरण 1977 का बिहार विधानसभा चुनाव सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं था — यह लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का उत्सव था।…
राजनीतिक अराजकता के बाद उम्मीद की किरण 1969 की अस्थिर राजनीति और राष्ट्रपति शासन के बाद बिहार 1972 में एक बार फिर जनादेश देने निकला। जनता अब स्थिर सरकार चाहती…
परिवर्तन की आंधी: जनता ने किया इतिहास 1967 का वर्ष बिहार की राजनीति में निर्णायक मोड़ लेकर आया। कुल 318 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में दशकों से सत्ता में…
जब बिहार में विचारधाराओं का संग्राम शुरू हुआ 1962 का बिहार विधानसभा चुनाव एक साधारण राजनीतिक घटना नहीं था, बल्कि यह एक वैचारिक जागरण का दौर था। कुल 264 सीटों…
लोकतंत्र का दूसरा अध्याय 1957 में बिहार ने अपने लोकतांत्रिक सफर का दूसरा चरण तय किया। कुल 318 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ और जनता ने कांग्रेस को पुनः भारी…
लोकतंत्र की पहली सुबह 1952 में स्वतंत्र भारत में बिहार ने अपने पहले विधानसभा चुनाव के माध्यम से लोकतंत्र की नींव रखी। कुल 276 विधानसभा सीटों पर जनता ने मतदान…
बिहार में मतदान के पहले दिन ही महिला मतदाताओं को साधने की होड़ तेज हो गई है, जिसका केंद्र नकद हस्तांतरण योजनाएँ हैं। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा हाल…