बिहार के मूल निवासी लेखक सत्यपाल चंद्रा (Satyapal Chandra) द्वारा लिखी इंग्लिश नॉवेल “ए प्रॉमिस अमंग द डार्क विंड्स” (A Promise Among the Dark Winds) का लॉन्च सोमवार को होटल पाटलिपुत्रा एग्जोटिका में किया गया। इस नॉवेल का विमोचन कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बिजय कुमार यादव ( पूर्व डिप्टी एसपी, विजिलेंस ), राजेश वल्लभ ( अधिवक्ता, पटना हाई कोर्ट ), अभिषेक अकेला ( जिला सचिव, रोटरी क्लब ) व अनुराग दांगी ( मोटिवेशनल स्पीकर) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने इस नॉवेल के लिए सत्यपाल चंद्रा को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा की यह नॉवेल जल्द ही पाठकों के बीच अपनी जगह बनाएगा। विदित हो कि सत्यपाल चंद्रा की यह गयरहवीं उपन्यास है, जो कि एक मायथोलॉजिकल फ़िक्शन है। इस उपन्यास में सत्यपाल एक दूसरी दुनिया में रोमांस के एक नए दौर के शुरुआत की बात करते हैं। कहानी वर्तमान और 20000 वर्ष पूर्व के इतिहास से जुड़ी हुई है। नॉवेल के बारे में बताते हुए लेखक सत्यपाल चंद्रा ने कहा कि यह कहानी शिम्फाला शहर की है। जहाँ बर्फ से लदी न्यू ईयर की पूर्व संध्या पर, एक लड़का एक बेहद हीं खूबसूरत लड़की से मिलता है।
लड़की ऐनी एक गोल्डन एंजेल थी, जो कि धरती पर आकर फंस चुकी थी, वह अपने फेयरी लैंड वापस जाना चाहती थी लेकिन वह जा नहीं पा रही थी। उस संध्या लड़का रवि, ऐनी से मिलकर उसके खूबसूरती से मोहित होकर, उसे बेहतर तरीके से जानना चाहता है । वह ऐनी को जितना हीं अधिक जानने की गहराई में जाता है, उसे उतना हीं अपने रहस्मयी इतिहास के बारे में पता चलता है । उन दोनों के बीच में रोमांस की शुरुआत होती है लेकिन जल्द हीं ऐनी को समझ आ जाता है की रवि उसका सबसे बड़ा दुश्मन है।
रवि एक मॉन्सटर है और वे दोनों कभी एक दूसरे के साथ नहीं हो सकते। कहानी में अगले पल क्या होगा इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है, पाठक कहानी के हीरो के आसपास घट रही घटनाओं से कंफ्यूज होते रहते हैं, उनके लिए ये अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा होता है कि कौनसा किरदार अच्छा है और कौनसा बुड़ा । यह कहानी सुंदर काल्पनिक स्थलों, बेहतरीन रोमांस और खूबसूरत रोमांच को लिए रोचक किस्सों से भरी पौराणिक दुनियाँ में बेधड़क प्रवेश कर जाता है । इस किताब का हर पन्ना इतना रोचक है कि हर पाठक चाहेगा की यह कहानी कभी खत्म हीं न हो । सत्यपाल इसे अंत नहीं बल्कि एक शुरुआत बताते हैं।
बता दें कि सत्यपाल चंद्रा का जन्म बिहार के गया जिले में हुआ था। बचपन बहुत ही कठिन परिस्थितियों में गुजरने के बावजूद भी उन्होंने देश भर में आज अपनी एक अलग पहचान बनाया है।उन्होने अपने दृढ़ इच्छा शक्ति के दम पर अपनी अंग्रेजी को ठीक किया बल्कि अंग्रेजी में हीं 11 नावेल लिख दिए।
