सावन का पावन महीना शुरू हो चूका है। भगवान शिव (Lord Shiva) को ‘जलाभिषेक’ के रूप में अर्पित किए जाने वाले पवित्र गंगा जल (Ganga Jal) को लेने के लिए अब तक तीन करोड़ से अधिक शिव भक्तों ने हरिद्वार (Haridwar) का दौरा किया है। सावन शिवरात्रि के अवसर पर आज श्रद्धालुओं ने हर की पौड़ी (Har Ki Pauri) में स्नान कर दक्षेश्वर महादेव मंदिर (Daksheshwar Mahadev Temple) में पूजा-अर्चना की।
जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे ने एएनआई को बताया, “कल तक कांवरियों की संख्या तीन करोड़ पांच लाख थी, इसमें कोई शक नहीं कि हरिद्वार से निकलने वाले कांवरियों की संख्या आज/यहां आने वाले कांवरियों की तुलना में अधिक है। आज लगभग 50 लाख कांवरियें आ चुके हैं और कुल मिलाकर अब तक की पूरी व्यवस्था ठीक चल रही है, इसका आकलन हम पहले ही कर चुके थे।”
‘कांवर यात्रा’ भगवान शिव के भक्तों द्वारा की जाने वाली एक वार्षिक तीर्थयात्रा है जिसमें भक्तों को ‘कांवरियों’ के रूप में जाना जाता है, जो उत्तराखंड में हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री और बिहार के सुल्तानगंज जैसे स्थानों पर गंगा के पवित्र जल को लाने के लिए जाते हैं और फिर उसी पानी से भगवान की पूजा करते हैं। कोविड -19 प्रतिबंधों के कारण दो साल के अंतराल के बाद इस साल कांवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है।
