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बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले एक सामान्य परिवार के बेटे आशुतोष ने किया राज्य का नाम रौशन। अपनी मेहनत और संघर्ष के बदौलत आशुतोष भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, इसरो (Indian Space Research Organisation, “ISRO”) में साइंटिस्ट बन कर अब अपने गरीब परिवार के सभी सपनो को पूरा कर सकेंगे।

2020 में इसरो ने अपने मैकेनिकल साइंटिस्ट पद के लिए देश भर में परीक्षा ली थी। जिसमे देश भर से करीबन 70 हज़ार लोगो ने परीक्षा में शामिल हुए थे। जिनमे से केवल 1 हज़ार प्रतिभागियों को ही सफलता मिली है। आपको बता दें कि कोरोनाकाल में रिजल्ट जारी करने में देरी हो गई थी। जिसके करणवर्ष रिजल्ट इस साल 30 सितंबर को प्रकाशित किया गया। और इसी संदभ में आशुतोष कुमार को 22वीं स्थान प्राप्त हुई है।

कौन है आशुतोष कुमार ?

आशुतोष कुमार बिहार के पूर्णिया जिले के चूनापुर निवासी, पेशे से अधिवक्ता विनय प्रकाश झा के पुत्र है। उन्हे बचपन से ही साइंस में दिलचस्पी थी। उनकी शुरुवाती पढ़ाई जिले के एक साधारण स्कूल से हुई है। जिसके बाद से उन्होंने ओडिसा से बीटेक और आईआईटी दिल्ली से एमटेक पूरा किया है। गरीबी के कारण उन्हें पढ़ाई में ख़ासा परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
माता पिता का कहना है कि बेटे ने आज अपनी मेहनत के बदौलत ही सफलता हासिल की है। वह एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानते है। वहीं पूरे परिवार का कहना है कि बेटा आशुतोष भी एक दिन मिसाइल मैन कलाम की तरह देश की सेवा करेगा।

रिजल्ट के बाद पत्रकारों से बात-चित के दौरान आशुतोष ने बताया कि इसरो में उन्हें वैज्ञानिक के तौर पर चयनित किया गया है। उनकी ज्वाइनिंग नवंबर से दिसंबर अर्थात इस साल के अंत तक हो

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