बिहार में रियल एस्टेट की स्थिति बद से बदतर है। राजधानी पटना में जहां 72 फीसद काम हुआ है वहीं बाकी राज्य में 28 फीसद काम हुआ है। नए कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के निबंधन कराने को लेकर तेज़ी नहीं आ रही है। बिहार रियल इस्टेट रेगुलेरिटी आथोरिटी ने कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट को लेकर एक जिलावार आंकड़ा जारी किया है। रेरा के आंकड़ों की बात करें तो राज्य में अब तक 1182 प्रोजेक्टों का निबंधन रेरा की ओर से किया गया है जिसमे से 859 प्रोजेक्ट्स पटना जिले के हैं शेष अन्य प्रोजेक्ट अन्य जिलों के हैं।
आंकड़ों के अनुसार पटना के अलावा सिर्फ तीन ज़िलें और हैं जिसके 50 से ज़्यादा प्रोजेक्ट्स हैं। इनमें भागलपुर और मुजफ्फरपुर में 62-62 प्रोजेक्ट निबंधित हैं। वहीं, गया में 59 प्रोजेक्ट निबंधित हैं। इसके अलावा पूर्णिया में 23, दरभंगा में 22, भोजपुर में 14, सारण में 13 और वैशाली में 11 प्रोजेक्ट का निबंधन हुआ है। जबकि अन्य सभी जिलों में दस से कम का आंकड़ा है। पूर्वी चंपारण,लखीसराय ,पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण में मात्र एक-एक प्रोजेक्टों का निबंधन हो पाया है।
रेरा प्रोजेक्ट से लेकर एजेंट के रजिस्ट्रेशन तक के लिए अब केवल ऑनलाइन आवेदन ही ले रहा है। एक अगस्त से ऑफलाइन की प्रक्रिया पूरी तरीके से बंद कर दी गयी है। जानकारी के अनुसार हर दिन दो से तीन निबंधन के आवेदन ऑनलाइन आ रहे हैं। निबंधन के लिए किसी को रेरा कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ रही है।

