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राज्य में नए बिजनेस आइडिया को जमीन पर उतारने के लिए सरकार स्टार्टअप को प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। स्टार्टअप के लिए एक इंट्रीग्रेटेड स्टार्ट अप कॉम्प्लेक्स बनेगा। वहां स्टार्टअप को आवश्कयता अनुसार आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध होगी। शुक्रवार को विकास आयुक्त आमिर सुबहानी की अध्यक्षता में बिहार स्टार्टअप फंड ट्रस्ट के न्यासी पर्षद् की बैठक में स्टार्टअप के लिए एक इंट्रीग्रेटेड स्टार्टअप कॉम्प्लेक्स बनाने और इसके लिए डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी आईआईटी पटना को देने का फैसला किया गया।

पर्षद् ने 209 नए स्टार्ट अप आडिया स्वीकृति दी और 20 नए स्टार्ट अप को सर्टिफाइड भी किया। 209 नये स्टार्टअप को अब इन्क्यूबेटर के साथ संबंद्ध करके उनके आइडिया को और विकसित किया जाएगा। राज्य में वर्ष 2017 में स्टार्टअप नीति बनाई गई थी। इसके तहत अब तक कुल 185 स्टार्टअप को प्रमाणिकृत किया जा चुका है। यह स्टार्टअप शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, फूड, कृषि, कला और रिटेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपने आइडिया का सृजन कर रहे हैं।

इससे पूर्व 10 मार्च 2021 को हुई बैठक में 25 नए स्टार्टअप को सर्टिफाइड किए जाने पर सहमति दी की गई थी। इसमें से 15 स्टार्टअप को प्रमाण-पत्र निर्गत किया जा चुका है। उनमें से 06 कंपनी बनाने की प्रक्रिया में और 04 राज्य के बाहर रजिस्टर्ड है। उन्हें बिहार स्टार्टअप नीति के तहत राज्य में ही पंजीकरण कराने के लिए कहा गया है।