आज यानि 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी का जन्म 1869 में गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। इस दिन को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। देशभर में इस साल राष्ट्रपिता (father of the nation) महात्मा गांधी की 152वीं जयंती मनाई जा रही है।
इस बात से सभी वाकिफ होंगे की भारत ने मोहनदास करमचंद्र गांधी को कई सारे नाम दिए है। कोई उन्हें “राष्ट्रपिता” कह कर संबोधित करता है तो कोई “बापू” कहकर सम्मान देता है। इतना ही नहीं बल्कि कोई उन्हें “महात्मा” कहता है, तो कोई “गांधी जी”। बापू के अनेक नाम है। लेकिन क्या आप जानते है कि उन्हें यह अलग- अलग नाम दिए किसने हैं ? अगर नहीं जानते, तो चलिए हम आपको बताते हैं।
~ऐतिहासिक किताबो में लिखे अनुसार, गांधी जी को पहली बार कवि रविन्द्र नाथ टैगोर ने ‘महात्मा’ शब्द से संबोधित किया था।टैगोर से बापू की पहली मुलाकात शांति निकेतन में हुई थी। जिसके बाद से ही दोनो में कभी अच्छा संबंध बना और दोनो ने मिल कर देश की आजादी के सपने देखना शुरू किया।
~गांधी जी को ‘बापू’ नाम बिहार के चंपारण जिले में रहने वाले एक गुमनाम किसान के द्वारा दिया गया था। दरअसल, चंपारण में गांधी जी ने उस वक्त भारतीय किसानों पर निलहा अंग्रेजों द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई थी। उसी दौरान एक किसान ने उन्हें बापू का दर्ज़ा दिया और आज तक लोग उन्हें सबसे ज्यादा बापू के नाम से ही पुकारते आ रहे हैं।
~ऐतिहासिक किताबो के मुताबिक, गांधी को पहली बार राष्ट्रपिता के नाम से नेताजी सुभाष चन्द्रबोस ने संबोधित किया था। ऐसा माना जाता है कि सुभाष चन्द्र बोस ने एक बार रेडियो सिंगापुर से देश में संदेश प्रसारित करते हुए गांधी जी को ‘राष्ट्रपिता- देश का पिता’ कहकर संबोधित किया था। जिसके बाद से भारत सरकार ने भी इस नाम को मान्यता दे दी।

