deoghar-Ropeway

झारखंड के देवघर में 10 अप्रैल रविवार की शाम करीब 5 बजे रोपवे में ट्रॉली पत्थर से टकराई, जिसके बाद लोग हवा में लटके रह गए। इस हादसे में अब तक 3 लोगों की जान जा चुकी है। अब तक लगभग सभी लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि सुबह तक 14 लोग 3 ट्रॉलियों में वहां फंसे हुए थे। सोमवार, 11 अप्रैल को बचाव अभियान के दौरान एक व्यक्ति के हेलीकॉप्टर से गिरकर उसकी मौत हो गयी है। इस दर्दनाक दृश्य ने कई घंटों से तनावपूर्ण माहौल बना रहा है।

त्रिकुट पहाड़ के रोपवे में रात भर फंसे 48 पर्यटकों को सकुशल नीचे उतारने के बीच एक वयक्ति की मौत हो गयी। सोमवार शाम को पर्यटकों को रेस्‍क्‍यू कर एयरलिफ्ट करने के दौरान एक पर्यटक का सेफ्टी बेल्‍ट खुल गया। इसके बावजूद भी हेलीकाॉप्टर के अंदर मौजूद कमांडो ने उसको पकड़ अंदर खींचने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान हाथ छूटने से 48 वर्षीय उक्‍त पर्यटक करीब डेढ़ हजार फीट गहरी खाई में जा गिरा। जिस कारण उसकी मौत हो गयी।

बता दें, सोमवार शाम तक, 770 मीटर लम्बे रोपवे पर 26 केबल कारों से 43 लोगों को त्रिकुट पहाड़ियों तक बचाया गया, जो एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उनमें से 11 को रविवार शाम को बचा लिया गया, वहीं एक महिला की केबल कार में लगी चोटों के कारण बाद में मौत हो गई थी, जो दुर्घटना के दौरान “बेतहाशा झूल” गई थी।

आईटीबीपी, सेना और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। अभी तक रेस्क्यू किए गए लोगों में कई बच्चे भी शामिल हैं। बता दें, रविवार शाम 4 बजे हादसा तब हुआ, जब पहाड़ पर बने मंदिर की तरफ एक साथ 26 ट्रॉलियां रवाना की गयी इससे तारों पर अचानक लोड बढ़ा और रोलर टूट गया। तीन ट्रॉलियां पहाड़ से टकरा गईं। इससे दो ट्रॉलियां नीचे गिर गईं। इनमें सवार 12 लोग जख्मी हो गए और दो लोगों की मौत हो गई थी।

झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, ‘त्रिकुटी रोपवे में फँसे 12 लोगों को आज रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अब रोपवे में मात्र 3 लोग फँसे हैं,उन्हें भी जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। सेना द्वारा बचाव कार्य जारी है। मैं अभी भी ग्राउंड ज़ीरो पर हूँ और बचाव कार्य का मुआयना कर रहा हूँ।’

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