Ayodhya MasjidAyodhya Masjid

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन दी गई थी. इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने इस जमीन पर मस्जिद के साथ ही एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, संग्रहालय, पुस्तकालय, कम्युनिटी किचन, इंडो इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेंटर और एक पब्लिशिंग हाउस के निर्माण का फैसला किया है. 26 जनवरी को इस प्रोजेक्ट की औपचारिक शुरुआत की जाएगी. हालांकि जैसा फाउंडेशन ने पहले ही तय किया था यह कार्यक्रम सादगी के साथ सीमित लोगों के बीच होगा, उसी पर अमल किया जा रहा है.

अयोध्या के धन्नीपुर में मस्जिद की नींव 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर रखी जाएगी. कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ होगी. इस मौके पर बड़े स्तर पर पौधरोपण भी किया जाएगा. इसके साथ ही 5 एकड़ के भूखंड के मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया 23 जनवरी से शुरू होगी. इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव अतहर हुसैन ने बताया कि सुबह 8:30 बजे मस्जिद प्रोजेक्ट के 5 एकड़ भूखंड पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा. इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने पहले ही कहा था की मस्जिद की नींव 26 जनवरी या 15 अगस्त को रखने की योजना है. रविवार को इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन की वर्चुअल बैठक में 26 जनवरी की तारीख पर सभी सदस्यों की सहमति से मुहर लगाई गई. 26 जनवरी को ध्वजारोहण के बाद सदस्य ट्रस्टी और फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी मस्जिद की नींव रखेंगे. इस मौके पर ट्रस्ट के सभी 9 सदस्य भी मौजूद रहेंगे.

धन्नीपुर मस्जिद परिसर में 2 बिल्डिंग होगी. एक मस्जिद के लिए और दूसरी हॉस्पिटल, लाइब्रेरी, म्यूजियम व कम्युनिटी किचेन के लिए. कुल 5 एकड़ ज़मीन में से 3500 स्क्वायर मीटर ज़मीन पर मस्जिद की बिल्डिंग बनेगी और 24150 स्क्वायर मीटर की दूसरी बिल्डिंग में हॉस्पिटल. हॉस्पिटल बिल्डिंग में 9000 स्क्वायर मीटर का बेसमेंट भी बनेगा. चीफ आर्किटेक्ट डॉक्टर एसएम अख्तर ने बताया की मस्जिद 2 मंज़िल होगी जिसमे 2000 लोगों के एक साथ नमाज़ पढ़ने की कैपेसिटी होगी. परिसर में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल होगा. मस्ज़िद में गुम्बद नहीं होगा. मस्जिद में महिलाओं के लिए अलग से सजदा करने की व्यवस्था होगी. सचिव अतहर हुसैन में बताया कि 4 मंजिल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल 200 बेड का होगा जिसकी अनुमानित लागत लगभग 100 करोड़ है. वहीं म्यूजियम ऐसा होगा जो हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करे.