food museum

इस टेक्नोलॉजी वाले युग में पूरी दुनिया डिजिटल हो गयी है। पर पूरी दुनिया कितनी भी डिजिटल क्यों न हो जाये, रोटी, गूगल से डाउनलोड नहीं हो सकती है। हमारा देश कृषि प्रधान देश है। इसी को देखते हुए तमिलनाडु के तंजावुर में भारत का पहला फ़ूड म्यूजियम खोला गया है। ये म्यूजियम तंजावुर में Food Corporation of India यानी की FCI द्वारा बेंगलुरु के विश्वेश्वरैया इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम के साथ स्थापित किया गया है। 1,860 वर्ग फुट क्षेत्र में लगभग 1.1 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित, ये म्यूजियम भारत के साथ-साथ दुनिया भर में खेती और फ़ूड स्टोरेज के इतिहास को प्रदर्शित करता है। ये भारत में अनाजों के उत्पादन और वितरण में FCI की भूमिका को भी याद करता है।

तंजावुर में ये फ़ूड म्यूजियम खोलने के पीछे भी एक वजह है। दरअसल, FCI का पहला ऑफिस 14 जनवरी 1965 को यहीं खोला गया था। ये एक तरह से FCI का जन्मस्थान है। आज 56 वर्षों के बाद, देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में FCI द्वारा निभाई गई भूमिका की याद में ये फ़ूड म्यूजियम यहां स्थापित किया गया है।

आदिमानव के ज़माने में जब इंसानों को खाने की ज़रूरत महसूस होती थी तो वो शिकार करते थे, फिर जैसे-जैसे ज़रूरतें बढ़ीं तो फिर इंसान, खाने की तलाश में खेती करने लगे और नई टेक्निक्स इज़ाद करने लगे, लेकिन फ़ूड को स्टोर करके रखने की समस्या पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी थी। इस म्यूजियम में जो प्रदर्शनी लगी है, उसमें अलग-अलग सेक्शन बने हैं जो की एक अलग कहानी हीं बयान कर रही है। इसमें फ़ूड को स्टोर करके रखने की समस्या से लेकर उसके उपाय के बारे में भी बताया गया है। खाने को हमेशा कीड़े और चूहें ख़राब कर देते हैं। इस म्यूजियम में एक Infestation नाम का कार्नर है, जिसमें इन सब से कैसे लड़ा गया, इस इतिहास के बारे में बताया गया है।

इस म्यूजियम में एक सेमिनार प्रेजेंटेशन के लिए हॉल भी है, जिसमें FCI के फ़ूड स्टोरेज सिस्टम को वर्चुअल 3d मोड के माध्यम से दिखाया गया है। इसमें दोनों नए और पुराने ज़माने के तरीकों को दिखाया गया है। इस म्यूजियम की सबसे मज़ेदार जगह क्विज कार्नर है, जहाँ आप ऑटोमॅटिकली क्विज के माध्यम से खाने के बारे में अपने ज्ञान को चेक कर सकते हैं। यहाँ पर दिवार पर टंगे डिजिटल फोटो के माध्यम से FCI के पुराने दिनों को भी दिखाया गया है। ये म्यूजियम विजिटर्स को यह महसूस करने के लिए इन्वाइट करता है कि खाना केवल पेट भरने के लिए है, बल्कि यह एक पुरानी याद है।

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