भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक बुधवार को समाप्त हो गई। यह बैठक 5 अप्रैल दिन से चल रही थी। बैठक समाप्त होने के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें बाा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। ऐसे में केंद्रीय बैंक द्वारा किए जा रहे ऐलान अहम हैं।
यह वित्त वर्ष 2021-22 की पहली एमपीसी की बैठक है। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि सभी भारतीय वित्तीय संस्थानों को 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज दिया जाएगा। उन्होने कहा, आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह चार फीसदी पर बरकरार है। एमपीसी ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। वहीं मार्जिनल स्टैंडिंग फसिलिटी रेट भी 4.25 फीसदी पर है।
शक्तिकांत दास का कहना है कि कोरोना का प्रसार बढ़ने के बावजूद इकोनॉमी में सुधार हो रहा है। हालांकि हाल में जिस तरह से मामले बढ़े हैं, उससे थोड़ी अनिश्चिचतता पैदा हुई है। लेकिन भारत चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है, केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक रुख को उदार बनाए रखा है.
