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Report by Manisha:

सोमवार यानी आज से देश भर में दूसरे चरण का कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है। सुबह 9 बजे से तीसरी श्रेणी में आने वाले बुजुर्ग और बीमार लोगों के लिए कोविन-2 एप पर पंजीकरण की सुविधा उलपब्ध होगी। पंजीकरण के कुछ समय के बाद ही टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। सोमवार से 60 साल से अधिक उम्र के लोगों एवं 45-59 साल के उन लोगों के लिए टीकाकरण की शुरुआत हो रही है, जो गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं। मंत्रालय ने एक दिन पहले ही 20 गंभीर बीमारियों की सूची जारी की। मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा कि सुबह 9 बजे से कोविन-2 एप पर पंजीकरण शुरू होगा तथा दिन में तीन बजे तक पंजीकरण जारी रहेंगे। लोग चाहें तो उसी दिन के लिए या किसी अन्य दिन के लिए पंजीकरण करा सकेंगे।

पहली खुराक के 29वें दिन दूसरी खुराक के लिए पंजीकरण की सुविधा भी दी गई है। इसमें पंजीकरण को रद्द कराने की सुविधा भी है। यदि कोई पहली खुराक का पंजीकरण रद्द कराता है तो दूसरी खुराक का भी स्वत: ही रद्द हो जाएगा। बयान में कहा गया है कि जो व्यक्ति एक जनवरी 2022 को 60 साल की आयु पूरी कर रहा है, वह बुजुर्गों की श्रेणी में पंजीकरण करा सकते हैं। जो व्यक्ति 1 जनवरी 2022 को 45-59 साल के बीच होंगे, वे बीमारों की श्रेणी में पंजीकरण करा सकेंगे। बशर्ते कि वह सूचीबद्ध 20 बीमारियों से ग्रस्त हों और उसका प्रमाणपत्र पेश कर सकते हों। बयान में कहा गया है कि पंजीकरण के लिए मोबाइल नंबर होगा। एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल चार व्यक्ति टीकाकरण के लिए कर सकते हैं, लेकिन टीका लगाते वक्त उन्हें अपने-अपने दस्तावेज पेश करने होंगे, जिसमें आधार कार्ड ,वोटर कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर कार्ड तथा फोटो लगा पेंशन दस्तावेज शामिल हैं।

बता दें कि 16 जनवरी से देश में पहले चरण में स्वास्थ्यकार्मिकों के लिए कोरोना टीकाकरण की शुरुआत की गई थी। जबकि दूसरे चरण में दो फरवरी से अग्रिम पंक्ति के कार्मिकों के लिए टीकाकरण शुरू किया गया। अब तीसरे चरण में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों एवं 45 से अधिक आयु के गंभीर बीमार लोगों का टीकाकरण एक मार्च से शुरू किया जा रहा है। टीकाकरण कार्यक्रम सरकार अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, डिस्पेंसरियों, स्वास्थ्य केंद्रों, उप केंद्रों के अलावा आयुष्मान भारत योजना के पैनल में शामिल 10 हजार निजी अस्पतालों, सीजीएचएस पैनल में शामिल 687 निजी अस्पतालों में शुरू किया जाएगा। राज्यों को कहा गया है कि वह अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना के पैनल में आने वाले निजी अस्पतालों को भी इसमें शामिल करें। निजी अस्पतालों में टीका लगाने वालों को 250 रुपये चुकाने होंगे सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण निशुल्क है, वही निजी अस्पतालों में टीका लगाने वालों को 250 रुपये चुकाने होंगे। कोविन एप पर पंजीकरण कराते समय लोगों से विकल्प भी पूछा जाएगा कि वह टीका निजी अस्पताल में लगाना चाहते हैं या सरकारी में। 1.37 करोड़ टीके लगाए जा चुके बता दें कि शुक्रवार शाम तक 1.37 करोड़ कोरोना टीके लगाए गए हैं। जबकि 66.37 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को पहली और 22 लाख को दूसरी डोज दी जा चुकी है।

वही 49.15 लाख अग्रिम पंक्ति के कार्मिकों को पहली डोज दी जा चुकी है। कोविन एप में बदलाव के कारण शनिवार और रविवार को टीकाकरण स्थगित रखा गया था। कुल एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों, दो करोड़ अग्रिम पंक्ति के कार्मिकों तथा 27 करोड़ बुजुर्ग और गंभीर बीमारों को टीकाकरण होना है टीकाकरण केंद्रों का पूर्व पंजीकरण को-विन 2.0 पर कराना होगा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और अन्य बीमारियों से पीड़ित 45-59 वर्ष के लोगों के लिए पंजीकरण शुरू होने से पहले राज्यों एवं जिलों को कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों का पूर्व पंजीकरण को-विन 2.0 पोर्टल पर कराना जरूरी होगा ताकि नागरिकों को सीवीसी की सूची उपलब्ध हो सके। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पंजीकरण एक मार्च सुबह 9 बजे से शुरू होगा। पात्र लाभार्थी अपनी पसंद का केंद्र चुन सकते हैं और उपलब्ध स्लॉट के आधार पर अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। साथ रखें इनमें से कोई एक पहचान पत्र दूसरे चरण के टीकाकरण में शामिल होने के लिए सरकार की ओऱ से 12 पहचानपत्रों की एक सूची जारी की गई है। इनमें अधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, मतदाता पहचानपत्र, पैन कार्ड, जनप्रतिनिधियों को जारी पहचानपत्र, बैंक/पोस्ट ऑफिस पासबुक, पासपोर्ट, पेंशन दस्तावेज, सरकारी कर्मचारियों का सेवा पहचानपत्र और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत जारी स्मार्ट कार्ड शामिल है।

टीका लगवाने पहुंचने वाले व्यक्ति को इनमें से कोई भी एक पहचान पत्र अपने पास रखना होगा और वैक्सीनेशन सेंटर पर दिखाना भी होगा। जिसके बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इन प्रमुख बीमारियों से पीड़ित लगवा सकते हैं टीका – पिछले 1 साल में हार्ट फेल होने की वजह से अस्पताल में भर्ती होना पड़ा हो। – पोस्ट कार्डियक ट्रांसप्लांट या लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस (LVAD)। – सिग्निफिकेंट लेफ्ट वेंट्रिकुलर सिस्टोलिक डिसफंक्शन (एलवीईएफ 40 परसेंट से कम)। – मॉडरेट और गंभीर वल्वुलर हार्ट बीमारी। – पीएएच या इडियोपैथिक पीएएच के साथ कॉन्जेनाइटल हार्ट बीमारी। – पहले सीएबीजी या पीटीसीए या एमआई और हाइपरटेंशन या डायबिटीज का इलाज हुआ हो, कोरोनरी अर्टरी बीमारी की शिकायत रही हो। – एंजाइना और हाइपरटेंशन या डायबिटीज का इलाज हुआ हो। – डायबिटीज (10 साल से ज्यादा समय से) और हाइपटेंशन का इलाज चल रहा हो। -पिछले दो साल में सांस की गंभीर बीमारी के कारण हॉस्पिटल में भर्ती हुए हों। – इसके अलावा भी और कई बीमारियां जिससे पीड़ित व्यक्ति टीकाकरण में शामिल हो सकता है।