वैसे तो फिल्मों में ये डायलॉग बोलने वाले अक्सर मात खाते हैं लेकिन असल ज़िन्दगी फिल्मों से अलग होती है। क्योंकि अगर सच में इन बातों को बोलने वाले मात खाते तो पूजा खेड़कर आईएएस अफसर नहीं बनती।

खबरों की मानें तो पूजा खेड़कर सुर्खियों में नहीं आतीं अगर उनकी डिमांड्स ज़रा हटके ना होतीं। कभी उन्होंने अपनी प्राइवेट गाड़ी पर लाल बत्ती लगाई, कभी उस गाड़ी के लिए वीआईपी नंबर प्लेट मांगा, कभी जो चेंबर उन्हें अलॉट भी नहीं हुआ है उसे ज़बरदस्ती हथियाया, और कभी तो उन्होंने अच्छे रेजिडेंस, नौकर-चाकर की डिमांड कर दी। वो भी तब जब वो प्रॉबेशन पर थीं और ट्रेनिंग पीरियड में चल रही थीं।

पर धन्यवाद भगवान का कि उन्होंने ऐसी डिमांड्स कीं वरना सरकार उनकी जांच-पड़ताल नहीं करती और ना ही हमें पता चल पाता कि यूपीएससी जैसे प्रतिष्ठित एग्जाम्स में भी ऐसा होने लगा है।

पूजा ‘होनहार’ खेड़कर की यूपीएससी में 841 रैंक आई थी और काम के अलावा बाकी चीजों में उन्होंने अच्छी सुर्खियां बटोरी हैं। अब सिलसिला शुरू होता है झूठ पे झूठ का।

पहला झूठ – फैमिली इनकम… पिता जी एक्स ऑफिसर, एमएलए का चुनाव लड़ चुके हैं, घोषणा पत्र में संपत्ति 40 करोड़ और माता जी सरपंच। इतने संपन्न परिवार से आने वाली पूजा नॉन क्रीमी लेयर से कैसे हो सकती हैं?

दूसरा झूठ – पूजा ने एग्जाम के दौरान फिजिकली चैलेंज्ड होने का दावा किया, जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्हें कम दिखता है और वो मेंटली इल्ल हैं। चलो मेंटली इल्ल तो हम सच मान सकते हैं लेकिन इसके लिए भी आपको यूपीएससी द्वारा आयोजित मेडिकल टेस्ट में ये प्रूव करना पड़ता है जिसको पूजा ने एक बार नहीं, 6 बार टाला है। और कमाल की बात ये है कि पूजा ने किसी प्राइवेट अस्पताल से अपनी मेडिकल इल्लनेस की रिपोर्ट्स जमा कीं और वो अप्रूव भी हो गईं।

तीसरा झूठ – तीसरा झूठ हमसे सिस्टम ने बोला है। यूपीएससी, जिसको दुनिया का सबसे टफेस्ट एग्जाम माना जाता है, अगर उसमें ऐसी धांधली चल रही है तो फिर आम आदमी को अपने सपनों को दफन कर देना चाहिए क्योंकि ये दुनिया हमारे काम की नहीं है। खासकर बिहार और यूपी वालों को जिनका पैदा होने से पहले ही मंज़िल सिविल सर्विसेज होती है।

अब तो हम सरकार से यही उम्मीद करते हैं कि पूजा खेड़कर के ऊपर जो जांच हो उसको ट्रांसपेरेंट रखा जाए। आम आदमी तक एक-एक डिटेल पहुंचनी चाहिए। वरना NEET पे तो बवाल चला ही है, अब लोगों का सिविल सर्विसेज से भी विश्वास उठ जाएगा।