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बिहार की नीतीश सरकार ने महागठबंधन की सरकार बनते ही बेरोजगारों के लिए लाखों नौकरियों के वादे किये थे। और अब इन्हीं वादों को पूरा करने को लेकर नीतीश कैबिनेट में अहम फैसले लिए गए हैं। नीतीश कैबिनेट में बेरोजगार युवाओं के लिए अहम फैसला लेते हुए राज्य के विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों में 1176 पदों के सृजन की मंजूरी दे दी गयी है।

इसके साथ ही पोक्सो स्पेशल कोर्ट में एडीजे के 54 नए पदों पर भी भर्ती की जाएगी। राज्य कैबिनेट की मंगलवार, 13 सितंबर को हुई बैठक में कुल 19 फैसलों पर सरकार की मुहर लगाई गई है। इसमें युवाओं और किसानों पर खास फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुए राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 19 प्रस्तावों को मंजूर किया गया।

इन प्रस्तावों के अनुसार पाटलिपुत्र युनिवर्सिटी, मुंगेर यूनिवर्सिटी, पूर्णिया यूनिवर्सिटी और पटना विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और प्रोफेसर के 370 पद बढ़ाए गए हैं। इसके अलावा शिक्षकों के 89 पदों का सृजन किया गया है। वहीं राज्य के मेडिकल कॉलेजों में सैकड़ों शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट फैसले के मुताबिक पूर्णिया में नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। इसमें एमबीबीएस की 100 सीटों पर एडमिशन होंगे। इस कॉलेज में 423 नए पदों पर भर्ती की जाएगी। आरा के वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में 12 शैक्षणिक पदों का सृजन किया जाएगा। इसके अलावा नीतीश सरकार ने मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में इंटर्न कर रहे स्टूडेंट्स की छात्रवृर्ति में 5000 रुपये प्रतिमाह तक की बढ़ोतरी की गई है।

इसके साथ ही सरकार की नजर किसानों पर भी पूरी रही। इसीलिए इस साल मानसून में बिहार में कम बारिश के कारण सूखे के हालात के बीच किसानों को राहत देने के लिए नीतीश सरकार ने 60 करोड़ रुपये जारी किए हैं। बता दें कि सरकार द्वारा ये राशि किसानों को डीजल अनुदान देने के लिए इस्तेमाल करेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह फैसला लिया है। कुछ एक जिलों को छोड़कर कमोबेश पूरा राज्य सूखे की मार झेल रहा है।

बता दें कि इस मानसून सीजन बारिश कम होने से ये हालात हुए हैं। जिस कारण धान और खरीफ फसलों की खेती करने वाले किसानों को आर्थिक नुकसान पड़ रहा है। पूरे राज्य में औसतन बारिश का आंकड़ा सामान्य से 35 फीसदी तक कम है। कई जिलों में नदियों और नहरों में पानी की कमी है। ऐसे में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।

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