भारत में मुठीभर आम लोग जात और धर्म पर भले ही लड़ते हों लेकिन जब भी बात देश भक्ति की होती है तो वे मुठीभर लोग धर्म जात को भूल देश प्रेम में अपना सब कुछ न्योछावर कर देश की सेवा में लग जाते हैं। देश भक्ति के जज्बे के लिए ज्यादातर भारतीय सैनिकों को ही याद किया जाता है। लेकिन देश भक्ति में जितना योगदान भारतीय सैनिकों का होता है उतना ही देश की पुलिस (Police) का भी। आये दिन देश के संविधान की रक्षा करते हुए कई पुलिस कर्मी अपने जान से हाथ धो बैठते हैं। इन्हीं देश भक्तों के लिए देश में एक खास दिन मनाया जाता है जिसे स्मृति दिवस कहा जाता है।
इस दिन को लोग कई नाम से जानते हैं जैसे – पुलिस शहीद दिवस, पुलिस रिमेंम्बरेंस डे (Police Remembrance Day), पुलिस कमोमोरेशन डे (Police Commemoration Day), पुलिस मेमोरियल डे (Police Memorial Day)। इस दिन को देश की सेवा करते हुए शहीद हुए देश के तमाम पुलिसकर्मियों में भारत की आजादी के बाद से मनाया जा रहा है।
इस दिन को 21 अक्टूबर को ही मनाने के पीछे साल 1959 की एक घटना है जिसका संबंध चीन (China) से है। 21 अक्टूबर 1959 को भारत चीन सीमा पर दस पुलिस जवानों की शहादत की याद में मनाया जाता है। आज तक देश में 62 पुलिस स्मृति दिवस आयोजित किए जा चुके हैं। जिस घटना के शोक में इस दिन को याद करते हैं उस दिन को आज भी लोग भूल नहीं पाए हैं। और जिस जगह चीन ने यह कायर्तापूर्ण कार्य किया था उस जगह को “हॉट-स्प्रिंग्स” (Hot Springs) के नाम से जाना जाता है।
