भारतीय वायु सेना को मजबूती प्रदान करने के साथ- साथ देश के दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए देश को मिराज-2000 (Mirage 2000) लड़ाकू विमानों की सौगात मिली है। दो सेकेंड हैंड मिराज 2000 लड़ाकू विमान फ्रांस से ग्वालियर एयरबेस पर पहुंच गए हैं। फ्रांस से भारत पहुंचे दोनों मिराज विमान ट्रेनर वर्जन हैं। मीडिया ख़बरों के अनुसार हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में चल रहे मिराज अपग्रेड प्रोग्राम के तहत इन विमानों को नए मानकों पर अपग्रेड किया जाएगा।
यह सिंगल-सीट वर्जन दो इंटरनली माउंटेड, उच्च-फायरिंग-दर की 30 मिमी बंदूकों से लैस है। ये विमान सिंगल और डबल सीटर दोनों तरह के आते हैं। यह विमान एक घंटे में 2495 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है। यह विमान जमीन के साथ-साथ हवा में मौजूद दूसरे प्लेन्स को भी निशाना बनाने में सक्षम है। इस विमान को अधिक से अधिक वजन ले जाने जाने की क्षमता, सटीकता और लेजर गाइडेड बम में महारत हासिल है।
भारत के पास करीब 51 मिराज विमान हैं, जिसमें तीन स्क्वाड्रन बने हैं ओर सभी की तैनाती ग्वालियर वासु सेना स्टेशन पर है। इसे 1970 के दशक के अंत में एक हल्के लड़ाकू के रूप में डिजाइन किया गया था। मिराज 2000 को एक माध्यमिक परियोजना के रूप में 1972 में अस्थायी रूप से “डेल्टा 1000” नाम से शुरू किया गया था। ये विमान, कारगिल युद्ध से लेकर 2019 बालाकोट हवाई हमले तक एक मुख्य हथियार रहा है।
