छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महात्मा गांधी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोपी कालीचरण महाराज जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने कालीचरण को पचास-पचास हजार रुपयए के दो ‘साल्वेंट’ और एक लाख रुपए के व्यक्तिगत बांड प्रस्तुत करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की कोर्ट मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों के वकील की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। लंच के बाद हुए हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए काली चरण को जमानत दे दी है।
सरकारी वकील ने कालीचरण महाराज की जमानत का यह कहते हुए विरोध किया कि उन्हें अपनी हरकतों पर कोई पछतावा नहीं है। ऐसे में जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से सांप्रदायिकता फैला सकते हैं। वहीं कालीचरण महाराज के वकील ने जमानत के पक्ष में दलील दी। उन्होंने कहाकि कालीचरण महाराज करीब तीन महीने से जेल में हैं। ऐसे में उनको जमानत मिलनी चाहिए।
क्या है मामला
रायपुर में एक धर्म सभा का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में देश भर के कई साधु संत शामिल थे। इसमें कालीचरण महाराज ने महात्मा गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आपत्ति दर्ज करवाते हुए संत कालीचरण महाराज के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी। खजुराहो से गिरफ्तार होने बाद 31 दिसंबर 2021 से कालीचरण रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद है। इससे पहले 21 मार्च 2022 को रायपुर पुलिस ने चालान पेश करने के लिए कोर्ट से 1 सप्ताह का समय मांगा था। जिसके बाद आज रायपुर पुलिस करीब 50 पन्नों का चालान पेश किया।
