भारत की समुद्री सीमा बहुत विशाल है। हर खतरे से लड़ने के लिए हमारी भारतीय नौसेना सक्षम है। आज का दिन भारत के लिए बेहद ही खास है, क्योंकि आज भारत ने पाकिस्तान पर अपने जीत के 50 साल पूरे कर लिए हैं। दरअसल हर साल 4 दिसंबर को “भारतीय नौसेना दिवस” यानी की “Indian Navy Day” के रूप में मनाया जाता है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय नौसेना की जीत के जश्न के रूप में इस खास दिन को समर्पित किया गया है। इस खास दिन नौसेना के वीर सपूतों को याद किया जाता है।
इस दिन से जुड़ी कुछ खास बातें
➤भारतीय नौसेना दिवस 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान हुए ऑपरेशन ट्राइडेंट (Operation Trident) की वर्षगांठ पर मनाया जाता है।
➤1971 को जब बांग्लादेश की मुक्ति के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ी थी तब पाकिस्तानी सेना ने 3 दिसंबर को भारतीय हवाई क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र में हमला किया था।
➤इस युद्ध के दौरान, भारतीय नौसेना ने भारतीय हवाई अड्डों पर उनके आक्रमण के जवाब में पाकिस्तान नौसेना मुख्यालय पर हमला किया।
➤ऑपरेशन ट्राइडेंट के नाम से जाना जाने वाला ऑपरेशन 4 दिसंबर को आयोजित किया गया था। इस ऑपरेशन के तहत, INS किल्टन, निपत, कच्छल, निर्घाट और वीर ने चार पाकिस्तानी जहाजों को नष्ट कर दिया और पाकिस्तानी ईंधन भंडार के साथ-साथ कराची बंदरगाह को भी नष्ट कर दिया। इस ऑपरेशन में सैंकड़ों पाकिस्तानी नौसैनिक मारे गए।
➤यह दिन उन सभी नौसेना कर्मियों को भी श्रद्धांजलि देता है जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दे दी।
➤भारत में नौसेना दिवस इससे पहले रॉयल नेवी के ट्रॉफैग्लर डे के साथ मनाया जाता था।
➤भारतीय नौसेना की स्थापना ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1612 में की थी जिसे बाद में रॉयल इंडियन नेवी का नाम दिया गया।
➤21 अक्टूबर 1944 को रॉयल इंडियन नेवी ने पहली बार नौसेना दिवस मनाया था, जिसका उद्देश्य आम लोगों में नौसेना के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
➤भारत की आज़ादी के बाद 1950 से इसे भारतीय नौसेना का नाम दिया गया।
➤1945 से द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नौसेना दिवस को 1 दिसंबर को मनाया जाने लगा।
➤1971 की जीत के बाद भारत में 4 दिसंबर 1972 से इस नौसेना दिवस को मनाया जा रहा है।
