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भारत में अभी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सभी पार्टियां एक्टिव हैं। NDA की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को बनाया गया है। जो झारखण्ड की पूर्व राजयपाल हैं। NDA के इस उम्मीदवार को लेकर सभी विपक्षी पार्टियां अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे, इसी बीच बिहार की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का बयां सामने आय है। जिसमें उन्होंने द्रौपदी मुर्मू को मूर्ति बताया है।

आपको बता दें कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मीडिया ने शनिवार, 16 जुलाई को फुलवारीशरीफ के बारे में पूछने पर उन्होंने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आरएसएस समाज और देश के लिए खतरा है। पटना के पुलिस अधिकारी ने जो कहा है, उसे वह बहुत पहले से कहते आ रहे हैं। राजद का मानना है कि आरएसएस के कारण ही समाज में नफरत फैल रही है। इसी दौरान उनसे एनडीए की राष्ट्रपति प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू के बारे में बिना उनका नाम लिए कहा कि, उन्हें राष्ट्पति भवन में मूर्ति की जरूरत नहीं है, उन्हें किसी ने प्रेस कान्फ्रेंस करते नहीं देखा-सुना है।

सोमवार, 18 जुलाई को देश के राष्ट्रपति के लिए मतदान किया जाएगा। एनडीए की ओर से द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति उम्मीदवार हैं, जबकि विपक्षी दलों ने यशवंत सिन्हा को अपना प्रत्याशी बनाया है। तेजस्वी यादव ने द्रौपदी मुर्मू पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, “हम लोगों को राष्ट्रपति भवन में हमें कोई मूर्ति तो नहीं चाहिए। हम लोग राष्ट्रपति का चुनाव कर रहे हैं। यशवंत सिन्हा जी को हर जगह आपने सुना होगा। लेकिन जो सत्तापक्ष से जो उम्मीदवार हैं, छोटा मुंह बड़ी बात, बोलनी नहीं चाहिए, लेकिन हमने कभी नहीं सुना। हमें लगता है कि आप ने भी उनकी आवाज को सुना होगा। एक भी प्रेस वार्ता जब से उम्मीदवार बनीं हैं नहीं की है।”

आपको बता दें कि बिहार की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी आरजेडी पहले ही विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को अपने समर्थन की घोषणा कर चुकी है। तेजस्वी यादव अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्होंने द्रौपदी मुर्मू की आलोचना की है। तेजस्वी से पहले कांग्रेस के दो नेताओं ने भी मुर्मू के खिलाफ टिप्पणी कर चुके हैं।

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