गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ”यहां कहा गया कि अनुच्छेद 370 हटाने के वक्त जो वादे किए गए थे, उनका क्या हुआ? मैं उसका जवाब जरूर दूंगा लेकिन पूछना चाहता हूं कि अभी तो अनुच्छेद 370 को हटे हुए केवल 17 महीने हुए हैं, आपने 70 साल क्या किया उसका हिसाब लेकर आए हो क्या?” शाह ने कहा कि जिन्हें पीढ़ियों तक देश में शासन करने का मौका मिला, वे अपने गिरेबां में झांककर देखें, क्या आप हमसे 17 महीने का हिसाब मांगने के लायक हैं या नहीं।
गृहमंत्री ने कहा कि 370 का झुनझुना दिखाकर तीन परिवार वहां 70 सालों तक शासन करता रहा। गृहमंत्री ने कहा कि पहली बार जम्मू-कश्मीर में पंचायती राज व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया गया है, और अब वहां राजा किसी रानी की पेट से पैदा नहीं होंगे, वोट से होंगे। गृहमंत्री ने कहा, ”हमने अनुच्छेद 370 हटाकर सबसे पहले सबसे वहां पंचायती राज व्यवस्था की स्थापना की। डॉ. बीआर आंबेडकर ने कहा था कि अब राजा रानी की पेट से पैदा नहीं होंगे, दलित, गरीब और पिछड़ों के वोट से पैदा होंगे, लेकिन कश्मीर में राजा रानी के पेट से ही पैदा होते थे, तीन परिवारों का ही शासन रहा, इसलिए उन्हें धारा 370 चाहिए। लेकिन अब वहां भी राजा वोट से ही पैदा होंगे। गृहमंत्री ने कहा कि जब राजा रानी की पेट से पैदा होता है तो जनता की सेवा नहीं करता, जब वोट से बनता है तब जनता की सेवा करता है।
इसके साथ ही इन्टरनेट की स्पीड कम करने को लेकर अमित शाह ने कहा कि अफवाहें ना फैलाई जाएं। हमने इंटरनेट पर रोक इसलिए लगाई थी कि हमें कुछ समय चाहिए था। अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए ऐसा करना पड़ा। चौधरी जी (कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी) आपने तो 20 साल तक टेलीफोन ही बंद कर दिया था, वाजपेयी जी ने आकर खोला था। आप 2G 4 जी कर रहे़ हो। जनता का सबसे बड़ा अधिकार है, सुख और शांति का। जो विदेशी दबाव का आरोप लगा रहे हैं उनसे हम पूछना चाहते हैं कि किसके दबाव में इतने सालों तक 370 तक लगाए रखा?”

