Chakka JaamChakka Jaam

Report by Manisha:

गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले पर हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। किसानों के चक्का जाम के एलान के बाद से दिल्ली पुलिस ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। दिल्ली और आसपास के अलग-अलग इलाकों में सड़कों पर पुलिस के साथ-साथ पारा मिलिट्री फोर्सेज की तैनाती की गई है। दिल्ली पुलिस हिंसा फैलने वालों पर नजर रखने के लिए कैमरे लगे ड्रोन का भी सहारा ले रही है। खासकर बॉर्डर इलाके में पुलिस ड्रोन के जरिए ही निगरानी कर रही है। जबकि, किसानों ने दिल्ली में चक्का जाम का ऐलान नहीं किया है।

गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर पर भी ड्रोन के जरिए हालात पर नजर रखी जा रही है। दिल्ली-पुलिस के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और रिजर्व पुलिस बल के करीब 50 हजार जवानों को स्थिति संभालने के लिए तैनात किया गया है। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो को भी अलर्ट पर रखा है। डीसीपी नई दिल्ली ने मेट्रो को पत्र लिखकर शॉर्ट नोटिस पर 12 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के लिए तैयार रहने को कहा है। पुलिस ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि गड़बड़ी होने की स्थिति में तुरंत मेट्रो के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए जाएं। इस बीच सिंघू, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और वहां कई स्तर के बैरीकेड, कंटीले तार और सड़कों पर कील लगाए गए हैं। इसके अलावा वहां काफी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस के आयुक्त एस. एन. श्रीवास्तव ने भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों के खिलाफ सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस नजर रखेगी।

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के समूह संयुक्त किसान मोर्चा ने शुक्रवार को कहा था कि 6 फरवरी को दिल्ली में ‘चक्का जाम‘ नहीं होगा। दिल्ली छोड़ देश के अन्य हिस्से में किसान तीन घंटे तक राजमार्गों को शांतिपूर्ण तरीके से जाम करेंगे। एसकेएम ने बयान जारी कर कहा कि ‘चक्का जाम’ के दौरान एंबुलेंस और स्कूल बस जैसी आवश्यक सेवाओं को नहीं रोका जाएगा ‘चक्का जाम’ का आयोजन दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक किया गया है। एसकेएम के मुताबिक, चक्का जाम अपराह्न तीन बजे एक मिनट के लिए वाहनों के हॉर्न बजाकर समाप्त किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों के साथ एकजुटता एवं समर्थन जताना है। आपको बता दें कि पंजाब, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्से के हजारों किसान दिल्ली की तीन सीमाओं – सिंघू, टीकरी और गाजीपुर में 70 से अधिक दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह वापस लेने की मांग कर रहे हैं।