देश में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ में जहां स्थिति नियंत्रण से बाहर है। वहीं अब उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और दिल्ली में भी महामारी की रफ्तार तेज हो रही है। देश में पिछले 24 घंटे में कोविड 19 के 1,84,372 नए मामले आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 1,38,73,825 हुई। 1,027 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 1,72,085 हो गई है। देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 13,65,704 है और डिस्चार्ज हुए मामलों की कुल संख्या 1,23,36,036 है।कोरोना वायरस की दूसरी लहर बेहद खतरनाक है.
आधिकारिक तौर पर पैन्डेमिक कोरोना वायरस का नाम सार्स सीओवी-2 है (Sars-CoV-2). इन्क्यूबेशन पीरियड संक्रमण और लक्षण दिखने के बीच का वक़्त होता है. ये वो वक़्त होता है जब वायरस इंसान के शरीर में जम जाता है. शरीर के भीतर जाने के बाद ये वायरस इंसान के लिए सांस लेने में तकलीफ़ पैदा कर सकता है. इसका पहला हमला आपके गले के आसपास की कोशिकाओं पर होता है. इसके बाद सांस की नली और फेफड़ों पर हमला करता है. यहां ये एक तरह की “कोरोना वायरस फैक्ट्रियां” बनाता है. यानी यहां अपनी संख्या बढ़ाता है. नए कोरोना वायरस बाक़ी कोशिकाओं पर हमले में लग जाते हैं. शुरुआती दौर में आप बीमार महसूस नहीं करते. हालांकि कुछ लोगों में संक्रमण के शुरुआती वक़्त से ही लक्षण दिखाई देने लगते हैं. वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड भी लोगों में अलग-अलग हो सकता है. औसतन ये पाँच दिन का होता है.
कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से सिर्फ फेफड़े पड़ ही असर पड़ता हो ऐसा नहीं है. डॉक्टर का कहना है कि कोरोनावायरस दिल, किडनी, इंटेस्टाइन और लीवर पर भी हमला करता है और उन्हें भी नुकसान पहुंचाता है. कोरोना वायरस की वजह से होने वाले वायरल निमोनिया से मरीज में दूसरे इंफेक्शन के आने का खतरा रहता है, इसलिए मरीजों को एंटी बायोटिक दी जाती है.

