मंगलवार को दिल्ली की एक सत्र न्यायालय ने जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को जमानत दे दी है। दिशा पर दिल्ली में चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में सोशल मीडिया के लिए जारी ‘टूलकिट’ विवाद में शामिल होने का आरोप है। उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने ‘टूलकिट’ मामले में “जलवायु कार्यकर्ता” दिशा रवि को बेल मिलने पर खुशी जाहिर की है। साथ ही कहा अधीनस्थ न्यायपालिका ने राजद्रोह कानून के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, “दिशा रवि की जमानत से पता चलाता है कि बड़ी अदालतों ने राजद्रोह के मामले में ‘वेट एंड वॉच’ को चुना, लेकिन अधीनस्थ न्यायपालिका ने राजद्रोह कानून के दुरुपयोग को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।”
अदालत ने कहा, ”मेरे विचार से, किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र में नागरिक सरकार की अंतरात्मा के संरक्षक होते हैं। उन्हें केवल इसलिए जेल नहीं भेजा जा सकता क्योंकि वे सरकार की नीतियों से असहमत हैं।” अदालत ने कहा कि किसी मामले पर मतभेद, असहमति, विरोध, असंतोष, यहां तक कि अस्वीकृति, राज्य की नीतियों में निष्पक्षता को निर्धारित करने के लिए वैध उपकरण हैं।

