दीवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है और गोवर्धन पूजा के अगले दिन ही बहने अपने भाई की लम्बी उम्र के लिए उपवास करती हैं। कार्तिक मास के शुल्क पक्ष की द्वितीय को भाई बहन के त्योहार को मनाया जाता है यानी भाई दूज को और साथ ही यम द्वितीय के रूप में भी इस दिन को मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 6 नवंबर 2021 को होने वाला है। इस दिन बहन भाई के लिए उपवास रखती हैं और बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, और भोजन भी खिलाती है। इस दिन भाई अपनी बहन को नेग के रूप में उपहार भी देता है।
भाई दूज की शुरुआत कि बात करें तो हिन्दू मान्यताओं अनुसार इस दिन मृत्यु के देवता यमराज अपनी बहन यमुना के अनेकों बार बुलाने के बाद उनके घर गए थे। देवी यमुना ने यमराज को तिलक लगाया और भोजन कराया साथ ही उनके खुशहाल जीवन की प्रार्थना की। इसको देख कर यमराज बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने अपनी बहन यमुना से वर मांगने को कहा। देवी यमुना ने कहा कि आप हर साल इस दिन मेरे घर आया करना और इस दिन जो बहन अपने भाई का तिलक करेगी उसे आपका भय नहीं रहेगा। यमराज ने यमुना को यहीं वर दिया। जिसके बाद से ही इस दिन को भाई दूज के नाम से जाना जाता है।
हिंदू धर्म में अलग-अलग जगहों पर इसे अलग अलग तरीके से मनाया जाता है। कहीं पर बहने अपने भाई की लम्बी उम्र के लिए उपवास करती हैं। और सुबह उठ कर घर के आँगन को गाये के गोबर से लेपती हैं। और फिर गाये के गोबर से ही मंडप त्यार किया जाता है जिसमें गोधन बाबा और उनकी पत्नी और बेटे को बनाया जाता है। जिसके बाद बहने स्नान कर उस मंडप का पूजा करती हैं और काटें को अपने जीभ में चुभा कर भाई की लम्बी उम्र की प्राथना करती है। और इसके बाद भाई को लड्डू और चना खिला कर पूजा संपन करती है।
