21वीं सदी का भारत आज एक से बढ़कर एक आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहा है। इसी चीज़ को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला रखी। ये एयरपोर्ट दुनिया का चौथा, एशिया और भारत का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। इसके साथ ही ये एयरपोर्ट विमानों के रखरखाव और मरम्मत का सबसे बड़ा सेंटर होगा।
इस हवाई अड्डे के पहले चरण का विकास 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जा रहा है। 1300 हेक्टेयर से अधिक भूमि में फैले इस हवाई अड्डे के पहले चरण के पूरा होने की क्षमता सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की सेवा करने की होगी। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) के बाद नोएडा एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर में बनने वाला दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा।
इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, एपैरल पार्क भी बनाए जाएंगे। फिल्म सिटी के निर्माण का कार्य अपने आखिरी चरणों में है। ये नोएडा इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट भारत का पहला प्रदूषण मुक्त एयरपोर्ट होगा। आने वाले सालों में जब ये एयरपोर्ट काम करना शुरू करेगा तो यूपी में पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट हो जायेंगे।
