Bihar के बेतिया के रहने वाले 14 वर्षीय धीरज कुमार और छपरा के 8 साल के पल साक्षी को इस बार 26 जनवरी पर राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2022 से नवाज़ा जाएगा।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले देश के 29 बच्चों ने अलग अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इनमें किसी ने टूटे हुए कांच पर नृत्य का करतब दिखाया तो किसी ने आतंकवादियों को बातचीत में उलझाकर अपने परिवार की जान बचाई। कई बच्चों ने नवाचार और समाजसेवा के क्षेत्र में इस कम उम्र में ही अपनी हुनर की मिशाल पेश की है। 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के इन पुरस्कार विजेताओं में 15 लड़के और 14 लड़कियां शामिल हैं।
यह पुरस्कार विजेता हर साल गणतंत्र दिवस परेड में भी भाग लेते हैं. प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए जाते हैं।
रेमोना एवेट परेरा
इन पुरस्कृत बच्चों में शामिल 16 साल की रेमोना एवेट परेरा भरतनाट्यम की हुनर रखती हैं. वह टूटे हुए कांच पर, आग के बीच अपने हुनर का जलवा बिखेर चुकी हैं. उनका नाम ‘बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड-लंदन 2017’, ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड 2017’ और ‘भारत बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड 2017’ में आ चुका है।
बेतिया के धीरज
जानकारी के मुताबिक, गंडक नदी के छाड़न में धीरज का भाई भैंस को नहला रहा था। इसी दौरान मगरमच्छ ने चुपके से नीरज कुमार (11) पर हमला कर दिया। अपने छोटे भाई को मगरमच्छ के गिरफ्त में फंसा देख धीरज कुमार(14वर्ष) ने पानी में छलांग लगा दी थी। करीब 10 मिनट तक वो मगरमच्छ से भिड़ा रहा। लेकिन अपने छोटे भाई को सुरक्षित निकालकर ही माना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धीरज से उस वाक्ये को जाना और उसे बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी थीं। बिहार के बेतिया का रहने वाला यह साहसी बालक पिछले साल काफी सुर्खियों में रहा था।
शिवांगी काले
शिवांगी काले ने छः साल की उम्र में अपनी मां और बहन को करंट लगने पर बचाया था।
गुरुंग हिमाप्रिया
12 वर्षीय गुरुंग हिमाप्रिया को बाल पुरस्कार से सम्मानित किया है। जम्मू में फरवरी, 2018 में हुए आतंकी हमले के समय हथगोला लगने से घायल हुई थीं। उन्होंने आतंकवादियों को चार से पांच घंटे बातचीत में उलझाए रखा और अपने परिवार को निशाना बनने से बचाया था।
गौरव माहेश्वरी
गौरव माहेश्वरी (13) हस्तलिपि में महारत रखते हैं। वह ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड 2017’ और ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड 2017’ में भी अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।
सैयद फतीन अहमद
13 साल के सैयद फतीन अहमद पियानो वादन में कई अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाएं जीत चुके हैं।
साक्षी (शतरंज का नन्हा जादूगार)
छपरा के साहेबगंज निवासी मनीष कुमार और शिक्षिका रश्मिता साह के 8 वर्षीय पुत्र पल साक्षी का चयन राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2022 के लिए हुआ है। पल साक्षी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन रूबरू हुए। आठ वर्षीय पल साक्षी केंद्रीय विद्यालय छपरा के कक्षा तीन का छात्र है। इसे छपरा में शतरंज का नन्हें जादूगार भी लोग कहते हैं।
