JP-Setu

बिहार में नीतीश सरकार को आये पिछले 1 दश्क से अधिक हो चूका है। इन सालों में नीतीश कुमार की दिलचस्पी सबसे ज्यादा अगर किसी चीज़ में रही है तो वो है बिहार की लड़कियों को चूल्हा चौका से निकाल कर स्कूल कॉलेज तक पहुँचाना और दूसरा बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर में इजाफा। जिससे बिहार बाकि मेट्रो सिटीज के जैसे ही देश में चमके। इसी क्रम में अब बिहार के JP Setu के समानांतर 4 लेन वाला पूल बनने वाला है जिसकी जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर के दी है।

उत्तर बिहार को केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पटना में गंगा नदी पर जेपी सेतु के समानांतर एक पुल को केंद्र की मंजूरी की घोषणा की है। जो 5 किलोमीटर लंबे पुल में 4 लेन का होगा। इस बात की जानकारी खुद नितिन गडकरी ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर के दी है कि ‘मंत्रालय ने दीघा और सीतलपुर के बीच 4 लेन के पुल को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जो पटना-साहेबगंज खंड (एसआईसी) का हिस्सा है।’ और वहीं दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा है कि ‘एम्स-पटना से बेतिया तक बकरपुर, मानिकपुर, साहेबगंज और अरेराज के रास्ते एक राजमार्ग को भारतमाला परियोजना में शामिल किया गया है और इसे नया NH-139W घोषित किया गया है।’

गंगा पर बने जेपी सेतु के पैरेलल एक और 4 लेन पुल की मंजूरी केंद्र से नहीं मिलने से यह प्रोजेक्ट काफी समय से अटका पड़ा था लेकिन अब इस प्रोजेक्ट को केंद्र की मंजूरी मिल गयी है। पटना से अरेराज को जोड़ने वाली सड़क के क्रम में गंगा नदी पर 4 लेन का पुल केंद्र सरकार बनाएगी। जिसके निर्माण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जायेगी। जेपी सेतु के समानांतर बनने वाला पुल गंगा पर 14वां पुल होगा।

फ़िलहाल अभी गंगा पर गंगा पर बक्सर, आरा-छपरा, जेपी सेतु, राजेन्द्र सेतु, गांधी सेतु और विक्रमशिला सेतु है। जबकि निर्माणाधीन पुलों में जेपी सेतु के समानांतर के अलावा शेरपुर-दीघवारा, गांधी सेतु के समानांतर, कच्ची दरगाह-बिदुपुर, बख्तियारपुर-ताजपुर, मोकामा पुल के समानांतर, मुंगेर पुल और विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल भी शामिल है। नितिन नबीन के मुताबिक ‘महात्मा गांधी सेतु के समानांतर पुल का निर्माण प्रगति पर है और ये पुल 2024 तक तैयार हो जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से बनाया जा रहा पुल 5.6 किलोमीटर लंबा है। जबकि इस पुल की एप्रोच रोड सहित कुल लंबाई 14.5 किमी है।

दक्षिण बिहार और उत्तर बिहार के बीच सड़क संपर्क को सुगम बनाने के लिए हर 25 किमी के बाद गंगा पर पुलों का निर्माण किया जा रहा है। जिससे बिहार की जनता को सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।

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