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14 फरवरी को पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने दक्षिण कश्मीर में पुलवामा के पास जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर CRPF के काफिले को निशाना बनाया। इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के कुछ दिनों के बाद 25-26 फरवरी की रातभारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद की एक शिविर पर हवाई हमला किया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए अगले दिन 26 फरवरी की सुबह पाकिस्तान के द्वारा हवाई हमले की कोशिश की गई, जिसे वायुसेना द्वारा नाकाम कर दिया गया।

इस दौरान विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान, मिग -21 बाइसन फाइटर प्लेन उड़ाते हुए और पाकिस्तानी जेट्स का पीछा करते हुए, PoK को पार कर गए, जहां उनके विमान को मार गिराया गया था। उसे पाकिस्तान ने हिरासत में ले लिया। भारत ने भी एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को भी मार गिराया। हालांकि पाकिस्तान को बाद में अभिनंद को भारत वापस भेजने पर मजबूर होना पड़ा। बालाकोट एयर स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ पर आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के असाधारण साहस और परिश्रम को सलाम किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमलों की सफलता ने भारत को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई है।

रक्षा मंत्री ने ट्वीट कर कहा, “बालाकोट एयर स्ट्राइक की सालगिरह पर, मैं भारतीय वायु सेना के असाधारण साहस और परिश्रम को सलाम करता हूं। बालाकोट हमलों की सफलता ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारत की मजबूत इच्छाशक्ति को दिखाया है। हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है जो भारत को सुरक्षित और सुरक्षित रखते हैं।”