दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi Meerut Expressway) पर काशी टोल प्लाजा (Kashi Toll Plaza) का उद्घाटन हो गया है। यह 100% डिजिटल मोड पर पहला टोल प्लाजा है। इस एक्सप्रेस-वे का टोल प्लाजा पूरी तरह से कैशलेस है। अब दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर एंट्री के दौरान टोल टैक्स नहीं देना होगा बल्कि एग्जिट प्लावाइंट पर टोल काटा जाएगा। इसका मतलब ये है की वाहन जितना चलेगा उतना ही टैक्स देना होगा।
टोल प्रबंधक कैलाश ने बताया कि, 90 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे पर कारों के लिए 155 रुपए चार्ज किए जाएंगे। बिना फास्ट टैग वाली कारों पर जुर्माना लगाया जाएगा। हमने ओवरस्पीडिंग पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए हैं। अगर 24 घंटे के अंदर वाहन वापस आता है तो उसे डेढ़ गुना टोल टैक्स देना होगा। 24 घंटे में आने-जाने के लिए 310 रुपये की जगह 230 रुपये ही वसूले जाएंगे। मेरठ दिल्ली वे के सभी 19 लेन पर टोल वसूली शुरू हो गई है। इस एक्सप्रेस-वे पर FASTag से टोल टैक्स काटा जाएगा। अगर वाहन बिना फास्टैग के है तो उसे दोगुना टोल टैक्स देना होगा।
मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक पाथवे इंडिया लिमिटेड कंपनी (Pathway India Limited Company) के प्रतिनिधियों ने बताया कि पहले 10 मिनट में 120 वाहन गुजर चुके हैं। मेरठ से सरायकाले खां तक हल्के वाहनों (कारों) से 155 रुपये वसूल किए जाएंगे। वहीं, 25 रुपये कम से कम भोजपुर तक लिए जाएंगे। इसके अलावा महीने भर यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी एक सुविधा है। लोग एक बार फास्टैग के जरिए 50 यात्राओं का टोल शुल्क अदा कर सकते हैं।
