चेन्नई में रेड अलर्ट जारी, लगातार बारिश ने जनजीवन को थाम दिया, चेन्नई में हालात इस समय बेहद गंभीर हो चुके हैं। समुद्र के ऊपर बना गहरा अवसाद, जो चक्रवात डिटवा का अवशेष है, अब शहर के बेहद करीब पहुंच चुका है। बारिश इतनी तेज़ है कि कई इलाकों में दृश्यता कम हो गई है और सड़कें कुछ ही घंटों में नदियों जैसी दिखने लगी हैं। तिरुवल्लुर और चेन्नई दोनों के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने से प्रशासन युद्धस्तर पर तैयारी में लग गया है। भारी पानी गिरने के कारण वाहनों की आवाजाही धीमी पड़ गई है, लोग घरों में ही कैद हैं और कई परिवार आवश्यक सामान जमा करने में लगे हुए हैं। तापमान भी सामान्य से नीचे बना हुआ है, अधिकतम लगभग 27 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री, जिससे वातावरण में सर्दी और भय दोनों महसूस हो रहे हैं। शहर में हवा के तेज झोंके लगातार पेड़ों को झुका रहे हैं और बिजली लाइनों पर दबाव बढ़ा रहे हैं।

तूफानी सिस्टम की दिशा बदल रही है, लेकिन खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि डिटवा से बना यह गहरा अवसाद आगे दक्षिण-पश्चिम दिशा की तरफ मुड़ सकता है। हालांकि इसके कमजोर होने के आसार हैं, मगर इसका प्रभाव अभी भी बेहद व्यापक है। IMD के वैज्ञानिकों ने बताया कि यह सिस्टम चेन्नई और पुडुचेरी तट से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर है, जो बेहद कम माना जाता है। ऐसी निकटता में समुद्री हवाएं, तेज बारिश और ऊंची लहरें शहर की तरफ आने का खतरा और बढ़ा देती हैं। यह भी बताया गया कि अगले बारह घंटों में यह सिस्टम डिप्रेशन की श्रेणी में उतर सकता है, लेकिन इसका असर तब भी कई जिलों को बारिश और जलभराव से जूझने पर मजबूर कर सकता है। स्थानीय प्रशासन ने सभी राहतकर्मियों और मॉनिटरिंग टीमों को सतर्क रहने का निर्देश जारी किया है।

आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहेगी, शहर के जलभराव बढ़ने की आशंका

यह साफ हो गया है कि चेन्नई को जल्द राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 3 दिसंबर को शहर में पूरे दिन बादल छाए रहेंगे और भारी बारिश होती रहेगी। दिन का तापमान लगभग 29 डिग्री और रात का तापमान करीब 24 डिग्री रहेगा। 4 दिसंबर से आंशिक राहत मिल सकती है जब आसमान कुछ हद तक साफ़ दिखेगा, लेकिन बिजली की गड़गड़ाहट के साथ मध्यम से तेज़ बारिश की संभावना बनी रहेगी। 5, 6 और 7 दिसंबर तक इसी तरह का मौसम जारी रहने का अनुमान है, जिसमें आसमान बार-बार गरजता रहेगा और बारिश अलग-अलग अंतरालों में लोगों को परेशान करती रहेगी। दिन का तापमान लगभग 30 डिग्री और रात का तापमान 25 से 26 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। लगातार होने वाली बारिश से निचले क्षेत्रों में जलभराव, ट्रैफिक जाम, सीवर ओवरफ्लो और बिजली गुल होने की समस्या बढ़ सकती है, जिसका असर लाखों घरों और कार्यालयों पर पड़ सकता है।

स्कूल और कॉलेज बंद, छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई

इतनी भारी बारिश और जलभराव की संभावना को देखते हुए चेन्नई, तिरुवल्लुर और कांचीपुरम जिलों के स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने सोमवार देर रात यह फैसला लेते हुए स्पष्ट किया कि छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। शिक्षा विभाग ने सभी संस्थानों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया है ताकि किसी भी बच्चे को खराब मौसम में यात्रा न करनी पड़े। कई इलाकों में पहले ही पानी इतना बढ़ गया है कि सड़कें चलने लायक नहीं रहीं। जिस तरह से बारिश जारी है, उससे स्थिति और बिगड़ने का खतरा है। इसलिए प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे घरों में रहें, जोखिम न लें और केवल जरूरी कार्य के लिए ही बाहर निकलें।

शहर में रहने वाले लोग एक तरफ लगातार गिरती बारिश से डरे हुए हैं और दूसरी तरफ काफी हद तक एकजुट भी दिखाई दे रहे हैं। कई परिवार अपने घरों में पानी भरने की आशंका से आवश्यक सामान जैसे पीने का पानी, खाने का स्टॉक, टॉर्च, बैटरी और दवाइयाँ जमा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग लगातार एक-दूसरे की मदद के लिए लोकेशन और सुरक्षा अपडेट साझा कर रहे हैं। कुछ लोग अपने घरों में पड़ोसियों को शरण दे रहे हैं, विशेष रूप से उन इलाकों से जहां पानी का स्तर तेज़ी से बढ़ रहा है। राहत टीमों की गाड़ियाँ लगातार शहर के अंदर घूमकर अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों का जायज़ा ले रही हैं और जरूरतमंदों को निकालने की तैयारी में हैं। इस सबके बीच शहर एक ही उम्मीद पर टिका हुआ है कि बारिश जल्द थमे और लोग फिर से सामान्य जीवन की तरफ लौट सकें।