उत्तर भारत का मौसम पिछले 48 घंटों में जिस तेजी से बदला है, उसने कई राज्यों को सीधी ठिठुरन की पकड़ में ला दिया है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी और उत्तरी हवाओं की दिशा बदलने से मैदानी इलाकों में तापमान अचानक 2 से 8 डिग्री तक नीचे आ गया। सुबह की धुंध, दिन में ठंडी हवाएं और रात में शून्य के आसपास पहुंचता पारा—इन सबने मिलकर लोगों को घरों में कैद जैसा महसूस करा दिया है। मौसम विभाग की ताज़ा चेतावनी कहती है कि यह केवल शुरुआत है। 8 दिसंबर के बाद ठंड और सख्त, और हवाएं और नुकीली होने वाली हैं।
फतेहपुर 1.9° पर जमा, खेतों में सफेद परत; किसान परेशान, शहरों में अलाव की मांग बढ़ी
राजस्थान में इस सीजन की सबसे कड़ी ठंड दर्ज की जा रही है। 18 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच जाना आम ठंड नहीं बल्कि एक ठंडी दीवार जैसा अहसास दे रहा है। सीकर का फतेहपुर 1.9° तक गिरने के साथ पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां सुबह खेतों में जाइए तो ऐसा लगता है मानो किसी ने फसलों पर बर्फ का पाउडर छिड़क दिया हो।पाला जमने से सरसों, चने, सब्जियों और अन्य रबी फसलों पर सीधा असर हुआ है। किसान रातभर अलाव जलाकर खेतों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। जयपुर में भी ठंड ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। 9.2° तापमान ने राजधानी को बता दिया है कि अगला हफ्ता और ज्यादा कठिन होने वाला है।
19 शहर ठंड से जमे, पचमढ़ी 5.8° पर सबसे ठंडा; हवा में चुभन, सड़क पर धीमी रफ्तार
मध्य प्रदेश का मौसम इन दिनों ऐसी करवट ले चुका है कि सुबह घर से बाहर निकलना चुनौती लगने लगा है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर जैसे बड़े शहर भी इस बार रिकॉर्ड गिरावट के साथ ठिठुरते दिख रहे हैं। पचमढ़ी 5.8° के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की हवा में इतनी ठंडक है कि कई इलाकों में सुबह 8 बजे तक धुंध की चादर पसरी रहती है। सड़कें फिसलन भरी, वाहन रेंगते हुए, लोग हाथ जेब में डाले हुएपूरा माहौल सर्दियों के चरम का संकेत दे रहा है। मौसम विभाग का दावा है कि 7 और 8 दिसंबर की रातें पूरे प्रदेश में कड़ाके वाली होने वाली हैं, जिनमें तापमान 2 से 4 डिग्री और नीचे जा सकता है।
उत्तराखंड में हड्डियां कंपा देने वाली ठंड
उत्तराखंड का मौसम इस समय चरम पर है। केदारनाथ में -14° तापमान ने हर गतिविधि को मानो थाम दिया है। बद्रीनाथ -11° पर जमे हुए हैं। कई तीर्थ स्थलों और ऊंचाई वाले इलाकों में लोग दरवाजे खोलते ही बाहर जमी बर्फ की मोटी परत देखते हैं। चमोली और औली में तो नदी और नाले तक जमने लगे हैं। स्थानीय लोग एक वक्त की धूप के इंतजार में खिड़कियों के पास बैठते हैं। मैदानी इलाकों में भी हालात सहज नहीं हैं। धुंध इतनी घनी है कि सुबह का समय शाम की तरह दिख रहा है। रविवार को बर्फबारी और बारिश का अलर्ट जारी है, जिससे ठंड और कड़वी होने के संकेत साफ हैं।
हिमाचल में बर्फबारी से पहले ही कंपकंपी
हिमाचल प्रदेश का मौसम इस समय बेहद तीखा है। लाहौल स्पीति के ताबो में -8.3° और कुकुमसैरी में -5.2° तापमान दर्ज होना सामान्य शीतलहर नहीं बल्कि गंभीर सर्दी का संकेत है। उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ की बहुत हल्की परत भी ढलानों और सड़कों को खतरनाक बना देती है। कई गांवों में लोग सामान लेने बाज़ार तक नहीं जा पा रहे क्योंकि सुबह से दोपहर तक ठंडी हवाएं चेहरे पर चाकू की तरह चुभती हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में हल्की बर्फबारी पूरे क्षेत्र को और सफेद कर देगी और तापमान और नीचे जाएगा।
हरियाणा में शीतलहर की दस्तक, बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर
हरियाणा में शीतलहर का प्रभाव तीव्र होता जा रहा है। नारनौल 3.5° के साथ सबसे ठंडा रहा। हिसार 3.7° और चंडीगढ़ 6.1° तापमान ने सुबह-सुबह लोगों को गर्म कपड़ों की अतिरिक्त परत पहनने पर मजबूर कर दिया है। पानीपत और आसपास के जिलों में पाला देखने को मिला है। कई अभिभावकों ने प्रशासन से स्कूलों में छुट्टी या समय बदलने की मांग की है क्योंकि बच्चे साइकिलों और पैदल स्कूल जाते हुए ठिठुरते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार 8 दिसंबर से राज्य के कई हिस्सों में तापमान और 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है, जिससे ठंड नई ऊंचाई छूने वाली है।
