किसी के प्रति दया भाव इंसान के अच्छे गुणों को दर्शाता है। किसी के प्रति दया से, उसके चेहरे पर मुस्कान आती है और खुद को संतोष मिलता है। दया का गुण चरित्र को सुंदर बना देता है। इसी दयालुता के भाव के लिए एक दिन समर्पित है, जिसके कारण हर साल 13 नवंबर को विश्व दयालुता दिवस यानी की “World Kindness Day” मनाया जाता है। इसका उद्देश्य इस बात को सुदृढ़ करना है कि यह करुणा ही है जो हम सभी को एक साथ जोड़ती है और इसमें राष्ट्रों के बीच की खाई को कम करने की अपार शक्ति है। सोशल मीडिया के युग में जहां बिना किसी वास्तविक परिणाम के किसी के प्रति घृणा को ट्रोल करना या निर्देशित करना आसान है, दयालुता दुर्लभ हो गई है।
इस दिन से जुड़ी कुछ खास बातें
➤विश्व दयालुता दिवस पहली बार 1998 में The World Kindness Movement नामक एक संगठन द्वारा मनाया गया था।
➤इसका गठन 1997 में दुनिया भर के समान विचारधारा वाले दयालु संगठनों के टोक्यो सम्मेलन में किया गया था।
➤काइंडनेस मूवमेंट को हर गुजरते साल के साथ दुनिया भर में स्वीकृति मिलने लगी।
➤2005 में, यूके काइंडनेस मूवमेंट शुरू हुआ, जबकि 2009 में सिंगापुर भी इस पहल में शामिल हुआ।
➤यूके (2010), ऑस्ट्रेलिया (2012), फ्रांस (2015), यूएसए (2018) से 2019 तक वर्ल्ड काइंडनेस मूवमेंट 27 देशों में पहुंच चुका था।
➤वर्ष 2019 में, इस संगठन को स्विस कानून के तहत एक आधिकारिक NGO के रूप में रजिस्ट्रेशन किया गया था।
➤पिछले कुछ वर्षों में इस आयोजन की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है, जिसमें व्यक्तियों, स्कूलों, चैरिटी, संस्थानों और व्यवसायों की संख्या बढ़ रही है।
➤विश्व दयालुता दिवस हमें लोगों के प्रति सरल और मदद की भावना करने के लिए आगे बढ़ने को प्रेरित करती है।
➤इस साल के World Kindness Day का थीम “The World We Make- Inspire Kindness” है।
