हमारे देश में हर पर्व को बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है। हर पर्व की अपनी ही एक अलग खासियत होती है। बंगाल का दुर्गा पूजा, देवी दुर्गा के आगमन से लेकर उनके विदाई तक का उत्सव है, मगर अब इस पर्व की छठा पूरी दुनिया देखेगी। दरअसल, UNESCO ने दुर्गा पूजा उत्सव को एक विरासत का दर्जा दिया है। इस फैसले के बाद पूरे देश में, खासकर बंगाल में खुशी की लहर दौड़ गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतवासियों को बधाई देते हुए ट्वीटर पर ट्वीट करते हुए लिखा, “हर भारतीय के लिए गर्व और खुशी की बात! दुर्गा पूजा हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विशेषताओं के सर्वोत्तम पहलुओं पर प्रकाश डालती है। और, कोलकाता की दुर्गा पूजा एक ऐसा अनुभव है जो हर किसी के पास होना चाहिए।”
अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) की सुरक्षा के लिए यूनेस्को की 16वीं समिति ने पेरिस में हुई अपनी बैठक में कोलकाता में दुर्गा पूजा को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में अंकित किया है। इस तरह की मान्यता पाने वाला यह “एशिया में पहला त्योहार” हैं। दुर्गा पूजा को धर्म और कला के सार्वजनिक प्रदर्शन का सबसे अच्छा उदाहरण माना जाता है।
