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काफी समय से किसी न किसी कारण से अधर में लटकी बिहार में 250 मेगावाट सोलर बिजली घर परियोजना का अब साफ होता दिख रहा है। जी हां, बिहार में 250 मेगावाट सोलर बिजली घर परियोजना के लिए दो एजेंसियों ने अपनी दिलचस्पी दिखाई है। इन दोनों एजेंसियों का प्रस्ताव Bihar Electricity Regulatory Commission को भेज दिया गया है। Commission की मंजूरी मिलते ही राज्य के विभिन्न जिलों में सोलर बिजली घर लगाने की शुरूआत कर दी जाएगी।

आपको बता दें कि बिहार में अभी फ़िलहाल मुश्किल से 180 मेगावाट सोलर बिजली का उत्पादन होता है। लेकिन BREDA की और से पिछले 3 साल से बिहार में 250 मेगावाट की सोलर इकाई लगाने की कवायद की जा रही थी। लेकिन हर बार किसी न किसी कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ आ रही थी। और फिर पिचले 2 साल से कोरोना ने भी बाकी कई परियोजनाओं के जैसे इस पर भी अपनी काली दृस्टि दाल कर रोक दिया। लेकिन अब इस परियोजना का अधर से निकलने का समय आ गया है। और BREDA को इसमें सफलता भी हासिल हुई है।

बता दें कि एक मेगावाट सोलर बिजली के लिए लगभग 4 से 5 एकड़ जमीन की जरुरत होती है। उस मुताबिक 250 मेगावाट के लिए 1000 से 1250 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी। और एक जगह इतनी जमीन मिलने में काफी परेशानी हो सकती है। इसीलिए BREDA ने एजेंसियों को कहा है कि वह कम से कम 50 मेगावाट सोलर बिजली उत्पादन कर सकता है। इतनी जमीन गया, जमुई, औरंगाबाद जैसे कई इलाकों में चिह्नित की गई है। Commission से मंजूरी मिलने के बाद एजेंसियों को Power Purchase Agreement के लिए एक महीने का समय मिलेगा। इसके बाद एजेंसियों को तय स्थानों पर काम करना होगा। और काम शुरू होने के 18 महीनों में सोलर बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा।

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