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Report by Manisha:

बिहार में कोरोना जांच में अपुष्ट फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग एक्टिव मोड में आ गया है। वही स्वास्थ्य विभाग उन अधिकारियों पर जांच कर कार्रवाई कर रहा है, जिनकी वजह से बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग की राष्ट्रीय स्तर पर अपमान हुआ है। कल इस मामले में विभाग ने सात लोगों को निलंबित किया था। आज डीएम स्तर के तीन अन्य कर्मियों को इस मामले में निलंबित कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने जानकारी दी इन तीनों में डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर भी शामिल हैं।

टीम क्यों बनाई गई थी? बता दें कि कल स्वास्थ्य विभाग के सात कर्मियों के निलंबन की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा था कि जमुई के सिविल सर्जन समेत 7 पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इन सभी को कोरोना जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड किया गया है। साथ ही पूरे बिहार में कोविड टेस्ट से जुड़ी गड़बड़ियों की जांच के लिए विशेष टीम भी बनाई गई है, जो अलग-अलग जिलों में जा कर जांच कर रही है। उन्होंने कहा था कि जिन्होंने ने भी गड़बड़ी की होगी उनके छोड़ा नहीं जाएगा, सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सीएम नीतीश ने कही थी ये बात: इधर, दिल्ली दौरे से लौटने के बाद जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मुद्दे पर पूछा गया था तो उन्होंने कहा कि था कि जब मैं दिल्ली से पटना के लिए रवाना हुआ था तब मुझे इस संबंध में जानकारी मिली थी। मैंने तत्काल इस संबंध में विभाग के प्रधान सचिव से जानकारी ली। उन्होंने बताया है कि पूरी जांच कर ली गयी है और अभी तक 22 जिलों के डेटा को देख लिया गया है। एक जगह ऐसा कुछ देखा गया है, तो उसपर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा था कि जिस अखबार में खबर आई थी, उस अखबार के पत्रकार से भी प्रधान सचिव की बातचीत हुई है और पूरे लोग इसमें लगे हैं। यहां से पूरी रिपोर्ट पार्लियामेंट भेज दी गयी है क्योंकि वहां भी किसी ने इस मामले को उठाया था। आज 12 बजे ही इसकी रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भी भेज दी गयी है।