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असल जीवन में सिंघम कहे जाने वाले सुपर कॉप के नाम से मशहूर देश के चर्चित आईपीएस अधिकारी शिवदीप वामनराव लांडे (IPS Shivdeep Landey) पांच सालों के बाद आज बिहार वापसी कर रहे हैं। इंटर स्टेट डिप्यूटेशन के तहत 5 सालों तक अपने गृह राज्य महाराष्ट्र में सेवा देने वाले आईपीएस अफसर शिवदीप लांडे मंगलवार को बिहार लौट रहे हैं।

2006 बैच के आईपीएस अधिकारी शिवदीप वामन राव लांडे ने बिहार में कई जिलों में सिटी एसपी से लेकर एसपी तक के पद पर काम करने का अनुभव प्राप्त किया है। इनकी पहली पोस्टिंग बिहार के मुंगेर जिले के नक्सल प्रभावित इलाके जमालपुर में हुई थी। इन्होंने बिहार के लोगों के जेहन में ऐसी कड़क छाप छोड़ी है, कि कई लोग इन्हें ‘सुपरकॉप’ तो कई ‘सिंघम’ और ‘दबंग’ कहते हैं, वहीं अपराधी इनके नाम से ही थर थर कांपते हैं। अपराधियों की शामत लाने वाले इस वर्दीधारी को बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है। पटना समेत बिहार के अन्य जिलों में रहते हुए इनके कारनामे बड़े मशहूर हुए। लगभग दस महीने की सेवा में ही उन्होंने नकली कॉस्मेटिक उत्पाद विक्रेताओं सहित बड़े-बड़े दवा-माफियाओं के कारनामे उजागर किए।

पटना में लड़कियों को बांटे थे पर्सनल नंबर

कहा जाता है कि बिहार की राजधानी पटना में जब शिवदीप लांडे की पोस्टिंग हुई तो वो अपराधियों और गैरकानूनी काम करने वालों पर कहर बनकर टूटे। खासकर सड़क छाप लफंगों पर इनकी सख्ती की, कॉलेज और स्कूल की लड़कियों के बीच इनकी छवि हीरो की बन गई थी। मनचलों को सबक सिखाने और लड़कियों को मदद के लिए किसी भी समय उपलब्ध रहने के लिए उन्होंने अपना निजी मोबाइल नंबर लड़कियों के बीच बांट दिया था। शिवदीप लांडे द्वारा नंबर बांटने का परिणाम यह हुआ था, कि राजधानी की सड़कों से मनचलों का धीरे-धीरे सफाया हो गया था। हरएक शिकायत पर शिवदीप लांडे खुद मनचलों को सबक सिखाने पहुंच जाया करते थे।

बिहार आने से पहले उन्होंने फेसबुक पोस्ट कर महाराष्ट्र की पोस्टिंग के दौरान किए गए अपने काम को बताया है। साथ ही ड्रग माफिया इकबाल मिर्ची को गिरफ्तार नहीं पाने का अफसोस भी व्यक्त किया है। देखिये पोस्ट :-