हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स के जरिए जो बात सामने आई, उसके अनुसार पटना कॉलेज के इंग्लिश डिपार्टमेंट की दो लड़कियों के साथ गुरुवार की सुबह इकबाल हॉस्टल के लड़कों ने छेड़खानी की थी। इस पर जैक्सन हॉस्टल के लड़कों ने आपत्ति जताई और छेड़खानी करने वाले इकबाल हॉस्टल के उन लड़कों की पिटाई कर दी। उस वक्त तो सभी फरार हो गए। लेकिन, शाम में इकबाल और नदवी हॉस्टल में रहने वाले काफी सारे स्टूडेंट्स पटना कॉलेज कैंपस में पहुंच गए। कॉलेज के ग्राउंड में फिटनेस ट्रेनिंग की क्लास चल रही थी। इसमें कॉलजे के पढ़ने वालों के साथ ही पासआउट स्टूडेंट्स भी थे। इन सब की जमकर पिटाई की गई। साथ ही जैक्सन हॉस्टल के अंदर घुस कर पत्थरबाजी की गई।
पटना यूनिवर्सिटी में एक बार फिर से बवाल हुआ है। इस बार बवाल की शुरुआत छेड़खानी की वजह से हुई है। चार हॉस्टल के लड़के दो-दो के ग्रुप में बंट गए। इसके बाद एक गुट ने जमकर दूसरे गुट के हॉस्टल पर पत्थरबाजी की। वहां रह रहे लड़कों को निशाना बनाया। इसके जवाब में दूसरे गुट के लड़कों ने बम निकाला और एक के बाद एक दो देशी बम फोड़ डाले। पूरे यूनिवर्सिटी कैंपस में हंगामा मच गया। जब इस बात की जानकारी यूनिवर्सिटी टीओपी प्रभारी व सब इंस्पेक्टर सुशील कुमार वर्मा को हुई तो आनन-फानन में हालात को काबू करने के लिए अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन, लड़कों की तरफ से की जा रही पत्थरबाजी के शिकार हो गए। एक पत्थर उनके चेहरे पर जा लगा। इससे घायल हो गए। मामले की जानकारी पीरबहोर थाना को दी गई। थानेदार रिजवान अहमद के साथ एक्स्ट्रा पुलिस फोर्स को यूनिवर्सिटी भेजा गया। अब पुलिस ने पूरे हालात को कंट्रोल में कर लिया है। घायल सब इंस्पेक्टर की हालत भी अभी ठीक बताई जा रही है।
इसके जवाब में जैक्सन हॉस्टल का साथ देने के लिए मिंटो हॉस्टल के लड़के आ गए। इन लोगों ने सबसे पहले बम निकाला और एक-एक करके फोड़ डाला। फिर पुलिस भी पहुंच गई। जवाब में की गए कार्रवाई के बाद इकबाल और नदवी हॉस्टल के लड़के न सिर्फ पीछे हटे, बल्कि वहां से भाग भी गए। अब पुलिस टीम इस मामले की पड़ताल कर रही है। थानेदार ने छेड़खानी की बात से इनकार किया है। इनके अनुसार पूरा मामला क्रिकेट खेलने को लेकर है। फिलहाल इसकी जांच चल रही है। जांच के बाद इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। इसके आधार पर दोषियों की पहचान की जाएगी।

