आरआरबी-एनटीपीसी (RRB-NTPC) की परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप के बाद इस मामले में जांच के लिए रेलवे बोर्ड की हाई पावर कमेटी पटना पहुंची। इस उच्चाधिकार समिति में अध्यक्ष के रूप में रेलवे बोर्ड में कार्यरत प्रधान कार्यकारी निदेशक (औद्योगिक संबंध) दीपक पीटर, सदस्य सचिव के रूप में रेलवे बोर्ड में कार्यरत कार्यकारी निदेशक स्थापना (आरआरबी) राजीव गांधी जबकि सदस्य के रूप में तीन लोगों को नामित किया गया है।
इसमें पश्चिम रेलवे के मुख्य कार्मिक अधिकारी (प्रशासन) आदित्य कुमार, रेलवे भर्ती बोर्ड, चेन्नई के अध्यक्ष जगदीश अलगर और रेलवे भर्ती बोर्ड, भोपाल के अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता शामिल हैं। दौरे के पहले दिन दो फरवरी को उच्चाधिकार समिति एनटीपीसी सीबीटी-1 के परिणाम से जुड़ी छात्रों की शंकाओं/सुझावों को प्राप्त करने के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड, महेन्द्रू घाट, पटना में खोले गए आउटरीच कैंप पहुंच कर उसका निरीक्षण किया। इस दौरान वो वहां उपस्थित लगभग 250 परीक्षार्थियों से फेस-टू-फेस मिलकर उनके शंकाओं/सुझावों से अवगत हुए। इस दौरान रेलवे भर्ती बोर्ड, पटना और मुजफ्फरपुर के चेयरमैन भी यहां मौजूद थे।
इसके बाद उच्चाधिकार समिति ने दानापुर मंडल में खोले गये आउटरीच कैंप पहुंच कर उसका निरीक्षण किया। यहां मौजूद दस परीक्षार्थियों से मिलकर उनकी शंकाएं/सुझाव सुने। बता दें कि रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा 14-15 जनवरी 2022 को जारी गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (एनटीपीसी) की केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना सीईएन 01/2019 के प्रथम चरण कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी-1) के परिणामों के संबंध में उम्मीदवारों द्वारा उठाई गई चिंताओं और शंकाओं पर विचार करने के लिए एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया गया है। उम्मीदवारों को शिकायतों को भेजने के लिए 16 फरवरी तक का समय दिया गया है और समिति इन शिकायतों की जांच करने के बाद चार मार्च तक अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी। उम्मीदवार अपनी चिंताओं और सुझावों को rrbcommittee@railnet.gov.in पर समिति को भेज सकते हैं।
