बिहार में पंचायत चुनाव का बुखार चरम पर है इसी बीच आज चुनावी अधिसूचना जारी हो गई है। अधिसूचना जारी होने के साथ साथ बिहार में किसी भी तरह की नई सरकारी योजना शुरू नहीं की जा सकेगी। पुरानी योजनाएं यथावत जारी रहेंगी। आज दोपहर 3 बजे राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस के ज़रिये अधिसूचना जारी किया और चुनाव से सम्बंधित सभी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
पटना. बिहार में पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Elections) की अधिसूचना जारी कर दी गई है और आज से आचार संहिता भी लागू हो गई है. 24 सितंबर को प्रथम चरण का चुनाव होगा, वहीं दूसरे चरण का चुनाव 29 सितंबर को. तीसरे चरण का मतदान 8 अक्टूबर को, चौथे चरण का चुनाव 20 अक्टूबर को होगा. 24 अक्टूबर को पांचवें चरण का मतदान होगा. 3 नवंबर छठे चरण का मतदान, 15 नवंबर को सातवां और 24 नवंबर आठवां चरण का मतदान होगा. 29 नवंबर नवें चरण, 8 दिसंबर 10 वें चरण और 12 दिसंबर को 11वें चरण की वोटिंग होगी.
अधिसूचना जारी होते ही प्रत्याशी 6 अलग अलग पदों के लिए बुधवार से अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन दाखिल करने प्रत्याशियों को 7 दिन का समय दिया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के नामांकन पत्र भरने, इनकी जांच और प्रत्याशियों के लिए नाम वापसी का समय निर्धारित कर दिया है, जिसके मुताबिक मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के प्रत्याशी 11 बजे दिन से शाम चार बजे तक नामांकन कर सकेंगे।
यदि नामांकन के दिन अवकाश होगा तो नामांकन भरने एक दिन आगे बढ़ाई जा सकती है। नामांकन भरने के तीन दिन के अंदर नामांकन की जांच होगी। यह कार्य एक या एक से अधिक दिनों तक होगा। नाम वापसी की तिथि भी निर्धारित करते हुए जिलों को निर्देश दिया है कि नामांकन पत्र की जांच की अंतिम तारीख के बाद दो दिनों का समय नाम वापसी के लिए दिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने बताया कि पहले चरण में 10 जिलों के 12 प्रखंडों में चुनाव कराए जाएंगे. दूसरे चरण में 32 जिलों के 48 प्रखंडों, तीसरे चरण में 33 जिलों के 50 प्रखंडों, चौथे चरण में 36 जिलों के 53 एवं पांचवें चरण में 38 जिलों के 58 प्रखंडों में चुनाव कराए जाएंगे.
छठे चरण में 37 जिलों के 57 प्रखंडों, सातवें में 37 जिलों के 63 प्रखंडों व आठवें चरण में 36 जिलों के 55 प्रखंडों में मतदान होगा. नौंवें चरण में 33 जिलों के 53 प्रखंडाें तथा 10वें चरण में 34 जिलों के 53 प्रखंडों में चुनाव होंगे. 11वें चरण का मतदान बाढ़ प्रभावित इलाकों में होगा. इसके तहत 20 जिलों के 38 प्रखंडों में चुनाव कराने की तैयारी है.
चुनावा आयोग ने बताया कि 8072 ग्राम पंचायत मुखिया का चुनाव होगा जिनमें 113307 ग्राम पंचायत सदस्य हैं. 11104 पंचायत समिति सदस्य का चुनाव होगा. 1160 जिला परिषद सदस्य का चुनाव होगा. 8072 सरपंच का का चुनाव होगा. 113307 पंच पदों के लिए चुनाव होगा.चार पदों पर EVM से और दो पदों पर बैलेट से चुनाव होगा. देश भर से EVM मशीन जुटाना सबसे बड़ी चुनौती थी. सभी जिलों में EVM की चेकिंग हो गई है. हर चरण के लिए 2.56 लाख EVM की जरूरत थी. अभी हर चरण के लिए 2.1 लाख EVM लगाया गया है. चुनाव के लिए 10 प्रतिशत EVM रिजर्व रखे गए हैं. 2 लाख बैलेट बॉक्स रखे गए हैं.
पूरे चुनाव में 1 लाख बल लगाए गए है. कोरोना के सभी गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाएगा. कोरोना को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं की जाएगी. आज से आचार संहिता लागू हो गई है. हर चरण में नामांकन के लिए एक सप्ताह का समय होगा. नामांकन खत्म होने के दो दिनों तक नाम वापस लिया जा सकता है. 3 दिनों के भीतर आवेदन की जांच कर ली जाएगी.
पहले जिन जिलों में बाढ़ नहीं है वहां मतदान कराए जाएंंगे. इसके बाद बाढग़्रस्त क्षेत्रों में चरणवार मतदान कराए जाएंगे. राज्य निर्वाचन आयोग ने नामांकन के लेकर जारी निर्देश में कहा है कि अधिसूचना के अगले दिन से सातवें दिन तक प्रत्याशी नामांकन कर सकेंगे. यदि नामांकन के अंतिम दिन सार्वजनिक अवकाश होगा तो नामांकन की मियाद एक दिन बढ़ाई जा सकेगी.

