Padma-Bridge

बिहारवासियों को आखिरकार लंबे इंतज़ार के बाद मरीन ड्राइव का सौगात मिल ही गया। पटना में गंगा के किनारे लगभग एक दशक से बन रहे मच अवेटेड और नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी गंगा ड्राइव-वे के पहले चरण का कल उद्घाटन हुआ। इसके बाद से पटनावासी इस मरीन ड्राइव का लुफ्त उठा रहे हैं। नमस्कार। दुनिया में कई हैरतअंगेज ब्रिज बने हैं और अब इस लिस्ट में बांग्लादेश का नाम भी जुड़ गया है। दरअसल, बांग्लादेश में देश के नए ऐतिहासिक ‘पद्मा ब्रिज’ (Padma Bridge) का उद्घाटन हुआ है। यह ब्रिज बांग्लादेश का सबसे लंबा ब्रिज माना जा रहा है।

पद्मा नदी पर बना ये 6.15 किलोमीटर लंबा पुल, बांग्लादेश की राजधानी ढाका से मोंगला समुद्री बंदरगाह के बीच की दूरी को काफी कम कर देगा, जो रीजनल और इंटरनेशनल व्यापार के लिए इम्पोर्टेन्ट है। यह ब्रिज बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र के 19 जिलों को राजधानी ढाका और देश के अन्य हिस्सों से जोड़ेगा। ये पद्मा ब्रिज न केवल इंटर-बांग्लादेश कनेक्टिविटी में सुधार करेगा, बल्कि ये भारत और बांग्लादेश के बीच कॉमन एरियाज को जोड़ने के लिए नेसेसरी लोजिस्टिक और बिज़नेस गति भी प्रदान करेगा। यहाँ तक की ये पुल भारत में ढाका और कोलकाता के बीच यात्रा के समय को भी लगभग आधा कर देगा।

पाकिस्तान से आजादी के बाद से ये देश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जिस पूरी तरह से बांग्लादेश सरकार द्वारा फंडिंग किया गया है और किसी भी बाइलेटरल या मल्टी-लेटरल फंडिंग एजेंसी से किसी भी विदेशी फंड ने इसके निर्माण में फाइनेंसियली योगदान नहीं दिया है। वैसे ये पुल विश्व बैंक की सहायता से बनना था। लेकिन 2009 में शेख हसीना के सत्ता में आने के बाद विश्व बैंक ने 12 अरब डॉलर की फंडिंग को भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद रद्द कर दिया। वास्तव में ये पुल बहुत पहले ही बनकर तैयार हो जाता अगर विश्व बैंक ने भ्रष्टाचार के झूठे और षड्यंत्रकारी आरोप न लगाए होते। इसके बाद शेख हसीना सरकार ने इस ब्रिज को अपने दम पर पूरा करने की ठानी पद्मा पुल का निर्माण कर सभी के सामने एक उदाहरण पेश किया।

पुलों की लंबाई के मामले में इस मल्टीपरपज रेल-रोड पुल को दुनिया में 122वां स्थान दिया गया है। मुख्य पुल 6.15 किलोमीटर लंबा है, तो वहीं रेलवे पुल 0.532 किलोमीटर लंबा है। 3.6 बिलियन डॉलर में बना ये पुल कुल 10.642 किलोमीटर तक फैला है, जिसमें 41 स्पैन्स और 42 खंभों हैं। खंभों के बीच की दूरी 150 मीटर है जिसमें 128 मीटर गहरी पिलिंग है, जो दुनिया की सबसे गहरी पिलिंग है। इस पुल का निर्माण 2015 में शुरू हुआ जो की दिसंबर 2021 में पूरा हुआ।

इस पद्मा ब्रिज का पूरा होना बांग्लादेश के 170 मिलियन लोगों के लिए एक सपने के सच होने जैसा है। इस ब्रिज के उद्घाटन के साथ बांग्लादेश, एक बड़े बदलाव की कहानी के रूप में सामने आया है।

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