राज्य में होने वाले हर दिन जन्म और मृत्यु के आकड़े अब हर दिन होंगे अपडेट और ये अपडेट सार्वजनिक होंगे सभी के लिए। ऐसा करने वाला बिहार देश का पहला राज्य होगा। बिहार आईटी डिपार्टमेंट ऐसे ही पोर्टल के निर्माण में लग चूका है जो हर दिन नियमित आंकड़े अपडेट करेगा।
आपको ज्ञात होगा की कोरोना काल में सरकार पे मौत के आकड़े छुपाने के आरोप लगे थे और मामला हाई कोर्ट तक गया था। इसके बाद कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए सरकार से आकड़े सार्वजनिक करने को कहा था। इसी को धयान में रखकर सरकार ने ये कदम उठाया ताकि आने वाले भविस्य में ऐसी नौबत दुबारा नहीं आये और सभी आकड़े आम जनता के सामने सार्वजनिक हो। ऐसा कर के बिहार सरकार ने दुसरे राज्यों के सामने भी उदहारण पेश किया है।
पोर्टल तैयार होने के बाद उसे नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा। नगर निकाय और ग्राम पंचायत के माध्यम से स्थानीय जनप्रतिनिधि मसलन वार्ड पार्षद या मुखिया अपने क्षेत्र में होने वाले जन्म और मृत्यु के आंकड़ों की रिपोर्ट भेजेंगे.
स्थानीय जनप्रतिनिधियों को निकाय या ग्राम पंचायत स्तर के पदाधिकारी उस आंकड़े को अपडेट कराने में उनकी मदद करेंगे. पोर्टल पर आंकड़ा अपडेट रखा जायेगा. गौरतलब है कि इस तरह के कार्यक्रम से लोगों को जनसुविधाएं व संबंधित योजनाओं का लाभ मिलने में और आसानी होगी.
सभी निकायों में रखा गया है रजिस्टर
कोरोना काल में मौत के प्रमाण पत्र को आम लोगों को सुलभ कराने के लिए नगर विकास व आवास विभाग ने सभी निकायों को निर्देश दिया था. प्रधान सचिव ने सभी निकायों को इ-मेल के माध्यम से प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा है.
रिपोर्ट के अनुसार कोरोना से मौत के मामलों में प्रमाण पत्र इ-मेल से भेजा जा रहा है. विभाग के आदेश के अनुसार सभी निकायों को इसके लिए एक स्पेशल रजिस्टर रखना है. इसमें इन आंकड़ों को प्रतिदिन अपडेट करना है,जिसकी जांच विभाग स्तर से होगी.

