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एम्स पटना में अब रोबोटिक विधि व थ्रीडी तकनीक से ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन हो सकेगा। इसमें मरीजों को ना तो सर्जरी के लिए बड़ा चीरा लगेगा और ना ही ऑपरेशन के बाद ज्यादा दर्द का सामना करना होगा। यही नहीं सर्जरी के बाद मरीज एक हफ्ते के अंदर हॉस्पीटल से डिस्चार्ज भी हो सकेंगे। यह सब संभव हुआ है आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एवं रोबोटिक तकनीक से संचालित ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप तकनीक से। शनिवार को एम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग में इस मशीन का शुभारंभ हुआ।

विभाग के अध्यक्ष डॉ. विकास झा ने बताया कि माइक्रोस्कोप असिस्टेड न्यूरोइंडोस्कोपी, 3डी मिनिमली इन्वेंसिव, न्यूरोनेविगेशन गाइडेड स्पाइन सर्जरी मशीनों का लोकार्पण किया गया। उन्होंने बताया कि बिहार में पहली बार किसी भी संस्थान में इस तरह के आधुनिक उपकरण न्यूरो सर्जरी के लिए लगे हैं। इस तकनीक से ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन हेमरेज (एक्यूरिज्म, आइटेरियोसिश, मालफोरमेशन, स्कल बेस) आदि के मरीजों का ऑपरेशन करने में आसानी होगी। कई ऑपरेशन में मरीजों को बेहोश करने की भी जरूरत नहीं होगी।

पीजीआई, दिल्ली एम्स व चंडीगढ़ जाना पड़ता था
दिमाग की बीमारियों से पीड़ित गंभीर मरीजों को भी अब ऑपरेशन के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना होगा। इसके लिए अन्य राज्यों के कारपोरेट अस्पतालों में जहां चार से पांच लाख रुपये खर्च आता है, वहीं एम्स पटना में मात्र एक से डेढ़ लाख रुपये में यह ऑपरेशन हो सकेगा। इस प्रकार की सर्जरी की सुविधा देश के चुनिंदा अस्पतालों एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ में ही मौजूद है। शनिवार को लोकार्पण अवसर पर विभागध्यक्ष ने एम्स निदेशक डॉ. पीके सिंह, अधीक्षक डॉ. सीएम सिंह, वित्तीय सलाहकार मोहन जी का आभार जताया। उद्घाटन अवसर पर डॉ. सूरज, डॉ. मुक्ता, डॉ. क्रांति, डॉ. नीरज, डॉ. संजीव, डॉ. अनिल, डॉ. जगजीत, डॉ. अंसारूल, डॉ. अमरजीत और डॉ. अभ्युदय भी मौजूद रहे। सभी ने न्यूरो सर्जरी में अत्याधुनिक उपकरण लगने पर विभागध्यक्ष को बधाई दी।

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