कोरोना काल में महीनो से घर बैठे कामगारों के लिए नै समस्या सामने आ गई है। लोखड़ौन खुलते ही जब वो अपने काम पर लौटे तो उनसे टिका के दोनों डोज़ का प्रमाण पत्र माँगा जा रहा है,और ऐसा नहीं देने पर उन्हें काम से वापस भेज दिया रहा है। उन्हें कहा जा रहा है की बिना टिका के दोनों डोज़ लिए उन्हें काम पर नहीं रखा जा सकता। ऐसे होने से बड़ी संख्या में कामगार वापस काम से लौट रहे हैं। अब ये बात साफ़ हो चुकी है की बिना टिका लगाए अब नौकरी करना या काम करना दोनों ही मुमकिन नहीं हैं।
ऐसा अनुमान है की बिहार से करीब 22 हज़ार कामगार काम करने अनलॉक होते ही दुसरे राज्य काम करने गए थे। जिनके पास टिके के दोनों डोज़ का प्रमान पत्र था उन्हें काम मिला और जिनके पास नहीं था उन्हें वापस भेज दिया गया। ऐसे बहुत सारे मजदूर और काम करने वाले बिहार के अलग अलग राज्यों में वापस आ चुके हैं। ऐसे बहुत सारे कामगार वापस लौट कर अपनी आप बीती बताई। इन सब बातों को धयान में रखते हुए बिहार सरकार और प्रयास कर रही है जिससे की टीकाकरण की रफ़्तार को बढ़ाया जाए ,ताकि सभी को कोरोना के दोनों टिके का खुराक जल्द से जल्द लग जाए। ताकि फिर प्रणामपत्र के साथ सभी कामगार वापस देश के विभन्न राज्यों में अपने काम पर वापस लौट सके।

