भले ही दुनिया अभी भी डेल्टा के कारण होने वाले नुकसान को रोकने के लिए जूझ रही है, दक्षिण अफ्रीकी वैज्ञानिकों ने एक नए कोरोनावायरस वैरिएंट की खोज की है। दक्षिण अफ्रीका में अब तक इस नए वेरिएंट के 22 मामले सामने आ चुके हैं। इस वैरिएंट का नाम B.1.1.529 रखा गया है। इसमें अविश्वसनीय रूप से भारी म्युटेशन देखा गया है।
वायरोलॉजिस्ट ट्यूलियो डी ओलिवेरा (Tulio de Oliveira) ने कहा, “दुर्भाग्य से हमने एक नए वैरिएंट का पता लगाया है जो दक्षिण अफ्रीका में चिंता का कारण है। इसमें एक म्यूटेशन का असामान्य स्पीड था और यह अन्य वेरिएंट के लिए बहुत अलग था जो पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। इस वैरिएंट ने हमें आश्चर्यचकित कर दिया, इसने विकास पर एक बड़ी छलांग लगाई है।
कुल मिलाकर 50 म्यूटेशन हुए और स्पाइक प्रोटीन पर 30 से अधिक म्यूटेशन हुए। स्पाइक प्रोटीन में म्यूटेशन, वायरस की कोशिकाओं को संक्रमित करने और फैलने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है, लेकिन इम्यून सेल्स के लिए रोगज़नक़ पर हमला करना भी कठिन बना देता है। इस वैरिएंट में डेल्टा से भी ज्यादा संक्रमण है। यह कोविड के टीकों के लिए भी प्रतिरोधी हो सकता है। यह नया वैरिएंट , बी.1.1.1.529 बहुत तेजी से फैलता है यानी की 2 सप्ताह से भी कम समय में जो की अब सभी संक्रमणों पर हावी हो गया है।
